पेटरवार में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़:40 लीटर विभिन्न ब्रांड के विदेशी शराब, फर्जी ईएएल व स्टीकर जब्त

पेटरवार में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़:40 लीटर विभिन्न ब्रांड के विदेशी शराब, फर्जी ईएएल व स्टीकर जब्त

बोकारो जिले में उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने सहायक आयुक्त उत्पाद, बोकारो के निर्देश पर गुप्त सूचना के आधार पर पेटरवार थाना क्षेत्र के मायापुर गांव में एक नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब, नकली एक्साइज एडहेसिव लेबल (EAL) और विभिन्न ब्रांडों के स्टिकर व ढक्कन बरामद किए गए। छापेमारी के दौरान कुल 40.125 लीटर विभिन्न नामी ब्रांडों की विदेशी शराब जब्त की गई। इसके अलावा, बड़ी संख्या में नकली ईएएल, बोतलों पर चिपकाए जाने वाले स्टिकर और ढक्कन भी मिले। इन बरामदगी से स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस स्थान पर अवैध शराब का निर्माण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, यह संगठित नेटवर्क न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा था, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा था। मामले में संलिप्त अभियुक्तों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान के लिए गहन जांच कर रही है। विभाग यह भी पता लगा रहा है कि नकली ईएएल और शराब की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इसका वितरण किन-किन क्षेत्रों में किया जा रहा था। बोकारो जिले में उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने सहायक आयुक्त उत्पाद, बोकारो के निर्देश पर गुप्त सूचना के आधार पर पेटरवार थाना क्षेत्र के मायापुर गांव में एक नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब, नकली एक्साइज एडहेसिव लेबल (EAL) और विभिन्न ब्रांडों के स्टिकर व ढक्कन बरामद किए गए। छापेमारी के दौरान कुल 40.125 लीटर विभिन्न नामी ब्रांडों की विदेशी शराब जब्त की गई। इसके अलावा, बड़ी संख्या में नकली ईएएल, बोतलों पर चिपकाए जाने वाले स्टिकर और ढक्कन भी मिले। इन बरामदगी से स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस स्थान पर अवैध शराब का निर्माण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, यह संगठित नेटवर्क न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा था, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा था। मामले में संलिप्त अभियुक्तों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान के लिए गहन जांच कर रही है। विभाग यह भी पता लगा रहा है कि नकली ईएएल और शराब की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इसका वितरण किन-किन क्षेत्रों में किया जा रहा था।  

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