सहरसा में ‘प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स लिमिटेड’ के नाम पर नकली पाइप बनाने और बेचने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जिला प्रशासन, पुलिस और कंपनी की विजिलेंस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारा। इस दौरान भारी मात्रा में नकली पाइप जब्त किए गए, जिससे औद्योगिक क्षेत्र और हार्डवेयर बाजार में हड़कंप मच गया। कंपनी के सीनियर जांच अधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि सहरसा में उनके ब्रांड से मिलते-जुलते नाम से पाइप बनाकर बेचे जा रहे हैं। इस शिकायत के आधार पर, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट राहुल कुमार और सदर थाना पुलिस की टीम ने पॉलिटेक्निक ढाला के पास इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ‘कोसी इंटरप्राइजेज’ फैक्ट्री पर छापा मारा। मजिस्ट्रेट राहुल कुमार ने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान की 2 तस्वीरें… असली कंपनी के ब्रांड से काफी मिलता-जुलता
जांच में पाया गया कि ‘श्री प्रिंस पाइप्स’ नाम से पाइप बनाए जा रहे थे, जिन पर लगा ट्रेडमार्क असली कंपनी के ब्रांड से काफी मिलता-जुलता था। मौके से तैयार और अर्धनिर्मित पाइपों की बड़ी खेप जब्त की गई। फैक्ट्री संचालक विकास पांडे ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि वे वैध तरीके से कारोबार कर रहे हैं। उनके अनुसार, ‘श्री प्रिंस पाइप्स’ नाम से उनका अपना ट्रेडमार्क है और उन्हें उत्पादन का कानूनी अधिकार प्राप्त है। हालांकि, कंपनी की जांच टीम ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि ब्रांड से मिलता-जुलता नाम इस्तेमाल कर ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा था, जो सीधे तौर पर ट्रेडमार्क कानून का उल्लंघन है। घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचे जा रहे थे
स्थानीय हार्डवेयर बाजार में लंबे समय से ‘प्रिंस पाइप’ के सस्ते दामों पर बिकने की चर्चा थी। छापेमारी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि ग्राहकों को असली ब्रांड के नाम पर नकली और घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचे जा रहे थे। प्रशासन ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था और इसका सप्लाई नेटवर्क किन-किन डीलरों तक फैला हुआ है। आने वाले दिनों में जांच से इस पूरे रैकेट की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सहरसा में ‘प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स लिमिटेड’ के नाम पर नकली पाइप बनाने और बेचने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जिला प्रशासन, पुलिस और कंपनी की विजिलेंस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारा। इस दौरान भारी मात्रा में नकली पाइप जब्त किए गए, जिससे औद्योगिक क्षेत्र और हार्डवेयर बाजार में हड़कंप मच गया। कंपनी के सीनियर जांच अधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि सहरसा में उनके ब्रांड से मिलते-जुलते नाम से पाइप बनाकर बेचे जा रहे हैं। इस शिकायत के आधार पर, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट राहुल कुमार और सदर थाना पुलिस की टीम ने पॉलिटेक्निक ढाला के पास इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ‘कोसी इंटरप्राइजेज’ फैक्ट्री पर छापा मारा। मजिस्ट्रेट राहुल कुमार ने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान की 2 तस्वीरें… असली कंपनी के ब्रांड से काफी मिलता-जुलता
जांच में पाया गया कि ‘श्री प्रिंस पाइप्स’ नाम से पाइप बनाए जा रहे थे, जिन पर लगा ट्रेडमार्क असली कंपनी के ब्रांड से काफी मिलता-जुलता था। मौके से तैयार और अर्धनिर्मित पाइपों की बड़ी खेप जब्त की गई। फैक्ट्री संचालक विकास पांडे ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि वे वैध तरीके से कारोबार कर रहे हैं। उनके अनुसार, ‘श्री प्रिंस पाइप्स’ नाम से उनका अपना ट्रेडमार्क है और उन्हें उत्पादन का कानूनी अधिकार प्राप्त है। हालांकि, कंपनी की जांच टीम ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि ब्रांड से मिलता-जुलता नाम इस्तेमाल कर ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा था, जो सीधे तौर पर ट्रेडमार्क कानून का उल्लंघन है। घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचे जा रहे थे
स्थानीय हार्डवेयर बाजार में लंबे समय से ‘प्रिंस पाइप’ के सस्ते दामों पर बिकने की चर्चा थी। छापेमारी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि ग्राहकों को असली ब्रांड के नाम पर नकली और घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचे जा रहे थे। प्रशासन ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था और इसका सप्लाई नेटवर्क किन-किन डीलरों तक फैला हुआ है। आने वाले दिनों में जांच से इस पूरे रैकेट की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।


