फर्जी डिग्री और मार्कशीट मामले में पूरे नेटवर्क की जड़ें खंगालने के लिए जुटी SIT की टीमें सोमवार को छत्रपति शाहू जी महाराज समेत अलीगढ़, हापुड़, मेरठ, शिकोहाबाद जांच करने रवाना हो गईं। सोमवार को एसीपी अनवरगंज अभिषेक राहुल की अगुवाई में एक टीम छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय जांच करने पहुंची, जहां पुलिस अधिकारी सबसे पहले प्रशासनिक भवन गई। इस दौरान करीब एक घंटे से प्रपत्रों की जांच पड़ताल करने के बाद पुलिस टीम रवाना हो गई। तीन बिंदुओं पर जांच करेगी SIT इसके साथ ही SIT की टीमें मेरठ स्थित स्वामी विवेकानंद सुभरती विश्वविद्यालय, अलीगढ़ स्थित जामिया ऊर्दू विश्वविद्यालय, नोएडा स्थित मंगलायतन विश्वविद्यालय और हापुड़ स्थित मोनाड विश्वविद्यालय जांच के लिए रवाना हो गई है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर हेडक्वार्टर संकल्प शर्मा ने बताया कि मामले में प्रारंभिक जांच का पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है। टीमें तीन बिंदुओं पर जांच करेगी, सबसे पहले यह जांच की जाएगी कि आरोपियों के पास मिले मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, विश्वविद्यालय की सील, मोहर उन तक कैसे पहुंचे, कहीं विश्वविद्यालय सिस्टम में लीक पोल तो नहीं ? इसके लिए विश्वविद्यालय के प्रशासिक अधिकारियों ने भी बातचीत की जाएगी। जांच में सामने आया है कि कई प्राइवेट विश्वविद्यालयों में सीटें खाली रहती है, जिससे विश्वविद्यालय प्रबंधन सीटे भरने के लिए कोचिंग संचालकों से संपर्क करता है, जिसके चलते कई विश्वविद्यालयों से शैलेंद्र और उसके गिरोह के सदस्यों की भी सांठ–गांठ थी। जांच में विश्वविद्यालय प्रबंधन से पूछताछ की जाएगी। दूसरा जांच का पहलू यह होगा कि आरोपियों ने जो डिग्रियां बांटी हैं, वो विश्वविद्यालय के डॉक्यूमेंट में रजिस्टर्ड हैं या नही। इसके साथ ही गिरोह ऑनलाइन डिग्री अपलोड कैसे कराता था, इसकी भी तह तक टीमें पहुंचेगी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पूछताछ में जिनके नाम सामने आए हैं, उनको सत्यापित किया जाएगा, क्या वो विश्वविद्यालयों में कार्यरत है ? इसकी भी जांच पड़ताल टीमें कर रही है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ करने के लिए उन्हें रिमांड में लेने की तैयारी की जा रही है, 26 फरवरी तक कोर्ट में रिमांड अर्जी दाखिल की जा सकती है। अब जानिए पूरा मामला… 18 फरवरी को किदवई नगर पुलिस ने जूही गौशाला स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन कार्यालय में दबिश देकर मूलरूप से रायबरेली के ऊंचाहार और वर्तमान में साकेत नगर का रहने वाला शैलेंद्र कुमार, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद निवासी जोगेंद्र व शुक्लागंज निवासी अश्वनी कुमार को गिरफ्तार किया था। मैथ से MSC करने वाला शैलेंद्र गिरोह का सरगना है। वहीं, पुलिस को इसी गिरोह के पांच सदस्य की तलाश है। इनमें छतरपुर का मयंक भारद्वाज, हैदराबाद का मनीष उर्फ रवि, गाजियाबाद का विनीत, भोपाल का शेखू और कानपुर का शुभम दुबे शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 900 मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट बरामद किए थे। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले की विस्तृत जांच के लिए 14 सदस्यीय SIT का गठन किया था।


