वर्दी और पिस्टल लेकर थाने पहुंचा फर्जी सिपाही:बक्सर में महिला के साथ पुलिस पर दबाव बनाने आया था; पूछताछ में पोल खुली, हथियार जब्त

वर्दी और पिस्टल लेकर थाने पहुंचा फर्जी सिपाही:बक्सर में महिला के साथ पुलिस पर दबाव बनाने आया था; पूछताछ में पोल खुली, हथियार जब्त

बक्सर के नगर थाना परिसर में सोमवार की दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस की वर्दी पहने एक युवक की असलियत खुल गई। युवक खुद को सिपाही बताकर एक महिला के साथ थाना पहुंचा था। किसी मामले में पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की सूझबूझ और पूछताछ में उसकी फर्जी पहचान सामने आ गई। मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सरकारी हथियार जब्त कर लिया और चाचा-भतीजे दोनों पर एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला के साथ पहुंचा युवक, खुद को बॉडीगार्ड बताने लगा जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 30 साल की एक महिला नगर थाना पहुंची। उसके साथ पुलिस की वर्दी में एक युवक भी मौजूद था। युवक के पास सरकारी पिस्तौल भी थी और वह खुद को महिला का बॉडीगार्ड बताने लगा। महिला किसी विवादित मामले में पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाती दिख रही थी। थाना में मौजूद पुलिसकर्मियों को युवक की वर्दी, व्यवहार और बाहर से आए बॉडीगार्ड जैसी हरकतें संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने उससे अनौपचारिक बातचीत शुरू की, लेकिन युवक के जवाब स्पष्ट नहीं थे। इसी बीच, मौका पाते ही महिला धीरे-धीरे थाना परिसर से बाहर निकल गई। पहली ही पूछताछ में लड़खड़ाए जवाब, संदेह गहरा हुआ युवक से उसके पद, पोस्टिंग, बैच नंबर और ट्रेनिंग से जुड़े सवाल पूछे गए, लेकिन वह इनमें से किसी का भी सही जवाब नहीं दे सका। उसके बोलने के तरीके से पुलिस को शक हो गया कि मामला गंभीर है। पूछताछ कड़ी होते ही युवक का मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा और उसके जवाबों में विरोधाभास मिलने लगा। पुलिस ने जब पिस्तौल और वर्दी के बारे में पूछा, तो वह सीधे जवाब देने से बचने लगा। इसी बीच थाने के कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए और युवक से सख्ती से पूछताछ की गई। नाम परमजीत सिंह, चाचा की वर्दी पहनकर आया था घंटों की पूछताछ के बाद युवक ने अपना असली नाम परमजीत सिंह बताया। उसने बताया कि वह नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के गणपत गांव का रहने वाला है। जांच में पता चला कि उसका चाचा पुलिस विभाग में कार्यरत है और वर्तमान में आरा जिले के एससी-एसटी थाना भोजपुर में पीटीसी पद पर तैनात है। युवक ने स्वीकार किया कि उसने जो वर्दी पहनी थी, सरकारी पिस्तौल लेकर आया था, दोनों उसके चाचा के हैं। वह चाचा की अनुपस्थिति में वर्दी और हथियार लेकर घर से निकल गया और महिला के साथ बक्सर पहुंचा। महिला के साथ नावानगर में भी बनाया था दबाव पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि परमजीत सिंह महिला के साथ नावानगर भी गया था। वहां दोनों ने विपक्षी पक्ष को डरा-धमकाकर दबाव बनाने की कोशिश की। इसके बाद दोनों सीधे बक्सर नगर थाना पहुंचे, जहां महिला किसी पुराने विवाद में पुलिस पर कार्रवाई कराने को लेकर बात कर रही थी। पुलिस को शक है कि महिला और युवक दोनों पहले से योजना बनाकर थाने में दबाव बनाने आए थे। हालांकि, महिला के फरार होने से स्थिति और संदिग्ध हो गई है। पुलिस महिला की भूमिका की भी जांच कर रही है। सरकारी हथियार जब्त, एफआईआर दर्ज; चाचा-भतीजा दोनों पर गिरी गाज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सरकारी हथियार और वर्दी जब्त कर ली। युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। वहीं, चाचा पर भी विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है क्योंकि सरकारी हथियार व वर्दी की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं की थी। बक्सर पुलिस ने दोनों के खिलाफ निम्न आरोपों में मामला दर्ज किया है। वर्दी का दुरुपयोग, सरकारी हथियार का गलत इस्तेमाल, सरकारी कार्य में बाधा, आम लोगों को गुमराह करने और डराने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने बताया कि पूरे मामले की हर एंगल से जांच हो रही है और महिला की तलाश भी तेज कर दी गई है। थाने में घंटों चर्चा का विषय बना मामला फर्जी सिपाही के वर्दी और हथियार के साथ थाने पहुंचने की घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। पुलिस की वर्दी और हथियार की संवेदनशीलता को देखते हुए यह भी सवाल उठ रहे हैं कि एक सामान्य युवक इतनी आसानी से सरकारी पिस्तौल कैसे लेकर निकल गया। पुलिस विभाग ने प्रारंभिक जांच में माना कि यह गंभीर लापरवाही का मामला है। चाचा की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो सकती है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा बक्सर नगर थाना पुलिस ने कहा कि युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी पिस्तौल का व्यक्तिगत इस्तेमाल बेहद गंभीर अपराध है और इस मामले में किसी को भी रियायत नहीं दी जाएगी। महिला की तलाश और उसके मकसद की पड़ताल भी जारी है। पुलिस का कहना है कि यह मामला न सिर्फ अपराध है, बल्कि पुलिस की वर्दी की गरिमा और विश्वास के साथ खिलवाड़ भी है। बक्सर के नगर थाना परिसर में सोमवार की दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस की वर्दी पहने एक युवक की असलियत खुल गई। युवक खुद को सिपाही बताकर एक महिला के साथ थाना पहुंचा था। किसी मामले में पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की सूझबूझ और पूछताछ में उसकी फर्जी पहचान सामने आ गई। मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सरकारी हथियार जब्त कर लिया और चाचा-भतीजे दोनों पर एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला के साथ पहुंचा युवक, खुद को बॉडीगार्ड बताने लगा जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 30 साल की एक महिला नगर थाना पहुंची। उसके साथ पुलिस की वर्दी में एक युवक भी मौजूद था। युवक के पास सरकारी पिस्तौल भी थी और वह खुद को महिला का बॉडीगार्ड बताने लगा। महिला किसी विवादित मामले में पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाती दिख रही थी। थाना में मौजूद पुलिसकर्मियों को युवक की वर्दी, व्यवहार और बाहर से आए बॉडीगार्ड जैसी हरकतें संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने उससे अनौपचारिक बातचीत शुरू की, लेकिन युवक के जवाब स्पष्ट नहीं थे। इसी बीच, मौका पाते ही महिला धीरे-धीरे थाना परिसर से बाहर निकल गई। पहली ही पूछताछ में लड़खड़ाए जवाब, संदेह गहरा हुआ युवक से उसके पद, पोस्टिंग, बैच नंबर और ट्रेनिंग से जुड़े सवाल पूछे गए, लेकिन वह इनमें से किसी का भी सही जवाब नहीं दे सका। उसके बोलने के तरीके से पुलिस को शक हो गया कि मामला गंभीर है। पूछताछ कड़ी होते ही युवक का मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा और उसके जवाबों में विरोधाभास मिलने लगा। पुलिस ने जब पिस्तौल और वर्दी के बारे में पूछा, तो वह सीधे जवाब देने से बचने लगा। इसी बीच थाने के कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए और युवक से सख्ती से पूछताछ की गई। नाम परमजीत सिंह, चाचा की वर्दी पहनकर आया था घंटों की पूछताछ के बाद युवक ने अपना असली नाम परमजीत सिंह बताया। उसने बताया कि वह नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के गणपत गांव का रहने वाला है। जांच में पता चला कि उसका चाचा पुलिस विभाग में कार्यरत है और वर्तमान में आरा जिले के एससी-एसटी थाना भोजपुर में पीटीसी पद पर तैनात है। युवक ने स्वीकार किया कि उसने जो वर्दी पहनी थी, सरकारी पिस्तौल लेकर आया था, दोनों उसके चाचा के हैं। वह चाचा की अनुपस्थिति में वर्दी और हथियार लेकर घर से निकल गया और महिला के साथ बक्सर पहुंचा। महिला के साथ नावानगर में भी बनाया था दबाव पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि परमजीत सिंह महिला के साथ नावानगर भी गया था। वहां दोनों ने विपक्षी पक्ष को डरा-धमकाकर दबाव बनाने की कोशिश की। इसके बाद दोनों सीधे बक्सर नगर थाना पहुंचे, जहां महिला किसी पुराने विवाद में पुलिस पर कार्रवाई कराने को लेकर बात कर रही थी। पुलिस को शक है कि महिला और युवक दोनों पहले से योजना बनाकर थाने में दबाव बनाने आए थे। हालांकि, महिला के फरार होने से स्थिति और संदिग्ध हो गई है। पुलिस महिला की भूमिका की भी जांच कर रही है। सरकारी हथियार जब्त, एफआईआर दर्ज; चाचा-भतीजा दोनों पर गिरी गाज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सरकारी हथियार और वर्दी जब्त कर ली। युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। वहीं, चाचा पर भी विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है क्योंकि सरकारी हथियार व वर्दी की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं की थी। बक्सर पुलिस ने दोनों के खिलाफ निम्न आरोपों में मामला दर्ज किया है। वर्दी का दुरुपयोग, सरकारी हथियार का गलत इस्तेमाल, सरकारी कार्य में बाधा, आम लोगों को गुमराह करने और डराने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने बताया कि पूरे मामले की हर एंगल से जांच हो रही है और महिला की तलाश भी तेज कर दी गई है। थाने में घंटों चर्चा का विषय बना मामला फर्जी सिपाही के वर्दी और हथियार के साथ थाने पहुंचने की घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। पुलिस की वर्दी और हथियार की संवेदनशीलता को देखते हुए यह भी सवाल उठ रहे हैं कि एक सामान्य युवक इतनी आसानी से सरकारी पिस्तौल कैसे लेकर निकल गया। पुलिस विभाग ने प्रारंभिक जांच में माना कि यह गंभीर लापरवाही का मामला है। चाचा की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो सकती है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा बक्सर नगर थाना पुलिस ने कहा कि युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी पिस्तौल का व्यक्तिगत इस्तेमाल बेहद गंभीर अपराध है और इस मामले में किसी को भी रियायत नहीं दी जाएगी। महिला की तलाश और उसके मकसद की पड़ताल भी जारी है। पुलिस का कहना है कि यह मामला न सिर्फ अपराध है, बल्कि पुलिस की वर्दी की गरिमा और विश्वास के साथ खिलवाड़ भी है।  

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