राजा मानसिंह गैंग से जुड़े फर्जी जमानत नेटवर्क का भंडाफोड़:105 फर्जी मोहरें, 57 कूटरचित जमानत रिपोर्ट बरामद, बस्ती से जुड़े आरोपी, 5 गिरफ्तार

राजा मानसिंह गैंग से जुड़े फर्जी जमानत नेटवर्क का भंडाफोड़:105 फर्जी मोहरें, 57 कूटरचित जमानत रिपोर्ट बरामद, बस्ती से जुड़े आरोपी, 5 गिरफ्तार

समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत सदस्य राजा मानसिंह से जुड़े फर्जी जमानत रैकेट का अयोध्या पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों में राजा मानसिंह और उनकी पत्नी पहले से जेल में बंद हैं। इसी प्रकरण में उनके करीबी सहयोगी उपदेश यादव को फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत दिलाए जाने का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि उपदेश यादव की जमानत के लिए विभिन्न जनपदों के न्यायालयों, तहसीलों, थानों और आरटीओ कार्यालयों की फर्जी मोहरों का इस्तेमाल किया गया। न तो ग्राम प्रधान स्तर पर सत्यापन कराया गया और न ही तहसील स्तर पर किसी प्रकार की पुष्टि की गई। फर्जी जमानतदार खड़े कर कूटरचित जमानत सत्यापन रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके आधार पर कोर्ट से जमानत प्राप्त कर ली गई। मामले के उजागर होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर के निर्देश पर जांच सीओ अयोध्या को सौंपी गई। थाना पूराकलंदर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बस्ती जिले के रहने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में भीम प्रकाश शाही, सर्वेश कुमार, रवीन्द्र पाल, शम्भूनाथ और पवन कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 105 फर्जी मोहरें बरामद की हैं, जिनमें विभिन्न जिलों के थानों, तहसीलों, जिलाधिकारी कार्यालय और न्यायालयों की मोहरें शामिल हैं। इसके अलावा 57 कूटरचित जमानत सत्यापन रिपोर्ट, 25 हैसियत सत्यापन की फर्जी रिपोर्ट, 169 पासपोर्ट साइज फोटो, कई रजिस्टर, मोबाइल फोन, टैबलेट और बड़ी संख्या में खाली प्रपत्र भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद रजिस्टर में कई मुकदमों के आरोपियों के नाम और उनके जमानतदारों का विवरण दर्ज है, जिससे इस रैकेट के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह नेटवर्क बस्ती, अयोध्या, गोंडा, संतकबीरनगर, अमेठी सहित कई जिलों तक फैला पाया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह अंतरजनपदीय गिरोह लंबे समय से फर्जी जमानत और सत्यापन के जरिए आरोपियों को लाभ पहुंचा रहा था। अब पूरे नेटवर्क की कड़ी-दर-कड़ी जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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