कन्नौज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जी आवेदन का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में आवेदन करने वाली युवती ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। हालांकि, फर्जी आवेदन कराने के आरोप में युवती के जीजा पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है, जो जिलाधिकारी (डीएम) आवास पर कार्यरत है। मामले की जांच जारी है। समाज कल्याण अधिकारी वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि ज्योति नामक युवती ने पत्र लिखकर माफी मांगी है। ज्योति ने अपने बयान में कहा है कि उसके माता-पिता बीमार हैं और वह उनके इलाज के लिए पैसों के लालच में आकर इस फर्जीवाड़े में शामिल हो गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि ज्योति का आवेदन उसके जीजा वेदप्रकाश ने कराया था। वेदप्रकाश डीएम आवास पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। वेदप्रकाश की भूमिका के संबंध में पूछे जाने पर समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को दे दी गई है। जांच पूरी होने और ऊपर से आदेश मिलने के बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी। इस बीच, ज्योति की सगी मौसी और युवक नीतू कुमार की मां ने भी डीएम आवास के कर्मी वेदप्रकाश पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वेदप्रकाश पहले भी कुछ लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। उनका कहना है कि वेदप्रकाश ने दो बच्चों के पिता नीतू कुमार को भी नहीं बख्शा और पैसों के लालच में उसके और उसके बच्चों के भविष्य को खतरे में डालने की कोशिश की। नीतू कुमार और ज्योति रिश्ते में मौसेरे भाई-बहन हैं। इसके बावजूद, वेदप्रकाश ने उनके नाम से आवेदन कर दिया और अपनी ही पत्नी का मोबाइल नंबर भी उसमें दर्ज करा दिया। दूसरी ओर, न्याय की गुहार लगाते हुए नीतू कुमार और उनकी पत्नी रोली अपने दो बच्चों के साथ अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वे तिर्वा कोतवाली, महिला थाना, पुलिस कार्यालय और कलेक्ट्रेट तक जा चुके हैं, लेकिन उनके नाम पर हुए इस फर्जीवाड़े की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।


