मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना के तहत सिरोही जिले में निःशुल्क जांच सेवाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। अब जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं पर कई प्रकार की जांचें निःशुल्क उपलब्ध होंगी। यह सुविधा भारत सरकार और राजस्थान सरकार की फ्री डायग्नोस्टिक सर्विस इनिशिएटिव (FDSI) गाइडलाइन के अनुरूप ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के तहत स्थापित की गई है। पहले प्रत्येक पीएचसी पर 15 और प्रत्येक सीएचसी पर 37 जांचों का प्रावधान था। हालांकि, कई सीएचसी में बायोकेमिस्ट्री मशीनें नहीं थीं। इनमें स्वरूपनगर, रेवदर, जावाल, कालंद्री, अनादरा, सिलदर और रोहिड़ा की सीएचसी शामिल थीं। पिंडवाड़ा सीएचसी में रिएजेंट की टेंडर प्रक्रिया के कारण तेरह बायोकेमिस्ट्री जांचें नहीं हो पा रही थीं। इन समस्याओं को देखते हुए, सरकार ने राज्य में जांच सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल लागू किया है। इसके तहत जिले की कुल 44 पीएचसी, सीएचसी, एसडीएच, डीएच में से 23 संस्थाओं पर प्रथम चरण में यह व्यवस्था स्थापित की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिरोही डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि सरकार द्वारा जिले में एक मदर लैब (ML), दो हब लैब (HL) और इक्कीस स्पोक लैब (CHC/PHC स्तर) स्थापित की गई हैं। इससे जांचों की सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। अब जटिल और उन्नत जांचें जिले में ही उपलब्ध होंगी और सैंपल कलेक्शन से रिपोर्टिंग तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं समयबद्ध होगी। जिला स्तरीय मदर लैब (ML) जिला अस्पताल शिवगंज, सिरोही में स्थापित की गई है। यहां कुल 151 प्रकार की उन्नत एवं विशेष जांचें उपलब्ध होंगी। इनमें हेमेटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, हार्मोन, विटामिन, कैंसर मार्कर, संक्रामक रोग, माइक्रोबायोलॉजी और विशेष जांचें जैसे पीसीआर, वायरल लोड, इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री, बोन मैरो, सीडी4, टीबी-पीसीआर आदि शामिल हैं। जटिल जांचों की प्रोसेसिंग यहीं की जाएगी और गुणवत्ता परीक्षण त्रैमासिक रूप से अनिवार्य होगा। डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि इस नई व्यवस्था से सिरोही जिले के मरीजों को अब गंभीर एवं उन्नत जांचों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जिले में ही निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध जांच सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और विश्वसनीयता दोनों में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उक्त सभी प्रकार की जांचो के लिए उपकरण, मैनपावर एवं रीएजेंट एजेंसी द्वारा ही उपलब्ध करवाया जाएगा जिसका भुगतान सत्यापन के पश्चात राज्यस्तर से ही किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ खराडी ने बताया कि संबंधित एजेंसी द्वारा राज्य स्तर से आवंटित सभी संस्थानों पर प्रारंभिक कार्य यथा उपकरण, मैनपावर स्थापित करना प्रारम्भ कर दिया गया है तथा अगले दस से पंद्रह दिनों में सभी प्रकार की जांचे एजेंसी द्वारा उपलब्ध करवा दी जाएगी ।


