नवादा में सीबीआरएन आपदा से निपटने का अभ्यास:राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में तैयारियों का सफल आकलन, छात्रों व प्राध्यापकों ने लिया भाग

नवादा में सीबीआरएन आपदा से निपटने का अभ्यास:राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में तैयारियों का सफल आकलन, छात्रों व प्राध्यापकों ने लिया भाग

नवादा के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय परिसर में 30 जनवरी 2026 को रासायनिक, जैविक, विकिरणीय और परमाणु (सीबीआरएन) आपदाओं से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की प्रभावशीलता को परखना था। मॉक अभ्यास के दौरान, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने सीबीआरएन आपदा की एक काल्पनिक स्थिति का प्रदर्शन किया। इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम का व्यावहारिक प्रदर्शन इसमें कमांड एवं नियंत्रण प्रणाली, त्वरित सूचना संप्रेषण, वैज्ञानिक प्रतिक्रिया प्रणाली और घटना प्रतिक्रिया तंत्र (इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम) का व्यावहारिक प्रदर्शन शामिल था। अभ्यास ने यह दर्शाया कि सीबीआरएन घटना की स्थिति में समय पर लिए गए निर्णय, त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयास जान-माल के नुकसान को न्यूनतम कर सकते हैं। इसमें पहचान, संक्रमणमुक्तिकरण, बचाव कार्य और चिकित्सीय प्राथमिकता निर्धारण से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया गया कि सीबीआरएन आपदाओं से निपटने में प्रथम प्रतिक्रिया तंत्र की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। छात्रों व प्राध्यापकों ने लिया भाग इस मॉक अभ्यास में स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन विभाग और राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के छात्रों व प्राध्यापकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभ्यास के बाद, अंतर-विभागीय समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था और क्षमता संवर्धन से संबंधित बिंदुओं पर अंतराल विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (9वीं बटालियन, बिहटा, पटना) के उप-कमांडेंट, नवादा के सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। नवादा के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय परिसर में 30 जनवरी 2026 को रासायनिक, जैविक, विकिरणीय और परमाणु (सीबीआरएन) आपदाओं से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की प्रभावशीलता को परखना था। मॉक अभ्यास के दौरान, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने सीबीआरएन आपदा की एक काल्पनिक स्थिति का प्रदर्शन किया। इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम का व्यावहारिक प्रदर्शन इसमें कमांड एवं नियंत्रण प्रणाली, त्वरित सूचना संप्रेषण, वैज्ञानिक प्रतिक्रिया प्रणाली और घटना प्रतिक्रिया तंत्र (इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम) का व्यावहारिक प्रदर्शन शामिल था। अभ्यास ने यह दर्शाया कि सीबीआरएन घटना की स्थिति में समय पर लिए गए निर्णय, त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयास जान-माल के नुकसान को न्यूनतम कर सकते हैं। इसमें पहचान, संक्रमणमुक्तिकरण, बचाव कार्य और चिकित्सीय प्राथमिकता निर्धारण से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया गया कि सीबीआरएन आपदाओं से निपटने में प्रथम प्रतिक्रिया तंत्र की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। छात्रों व प्राध्यापकों ने लिया भाग इस मॉक अभ्यास में स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन विभाग और राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के छात्रों व प्राध्यापकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभ्यास के बाद, अंतर-विभागीय समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था और क्षमता संवर्धन से संबंधित बिंदुओं पर अंतराल विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (9वीं बटालियन, बिहटा, पटना) के उप-कमांडेंट, नवादा के सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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