जयपुर। सैनिकों और उनके परिवारों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उन तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जयपुर के स्कूली छात्रों ने वीरसहारा ऐप लॉन्च किया। यह एआई समर्थित डिजिटल प्लेटफॉर्म जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 12 के दो विद्यार्थी कनिष्क रूंगटा और कृषा रूंगटा ने विकसित किया है। ऐप का लॉन्च सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की मौजूदगी में हुआ।
वीरसहारा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, आश्रित और शहीद परिवार अपनी पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें और सीधे आवेदन लिंक तक पहुंच सकें। सरल और यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस वाले इस प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी के आधार पर उपयोगकर्ताओं को उन योजनाओं और लाभों से अवगत किया जाता है, जिनके लिए वे पात्र हो सकते हैं। लॉन्च के कुछ ही समय में इस ऐप को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो गई है और 2000 से अधिक परिवार इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी का लाभ ले चुके हैं।
इस मौके पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवा विद्यार्थियों द्वारा तकनीक को संवेदनशीलता और उद्देश्य के साथ इस्तेमाल करते हुए की गई यह पहल अत्यंत सराहनीय है। वीरसहारा का डिजाइन अलग है, यह बहुत यूजर फ्रेंडली है और मौजूदा समय की एक वास्तविक जरूरत को पूरा करता है। यह रक्षा परिवारों को सम्मान, पारदर्शिता और सहजता के साथ जानकारी व लाभ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।”
कर्नल राठौड़ ने यह भी कहा कि इस तरह के मॉडल को शासन-प्रशासन के अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने की संभावनाएं हैं। उन्होंने प्लेटफॉर्म की सरल संरचना और गाइडेड एक्सेस का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में भी इसी तरह की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों, उद्यमियों और कारोबारियों को सरकारी योजनाओं, नीतियों और सहायता तंत्र से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर सरल तरीके से मिल सके।
ऐप विकसित करने के पीछे की सोच बताते हुए कनिष्क रूंगटा ने कहा कि हमने महसूस किया कि कई लाभार्थियों को उपलब्ध सहायता तक पहुंचने में कठिनाई होती है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया कई बार जटिल और समझने में मुश्किल लगती है। वीरसहारा के जरिए हमारा प्रयास इस प्रक्रिया को सरल बनाना है, ताकि सैनिक परिवारों के लिए कल्याणकारी सहायता को समझना और पाना आसान हो सके।
वहीं कृषा रूंगटा ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है। यह उन परिवारों के लिए प्रक्रिया को आसान और सम्मानजनक बनाने का प्रयास है, जिन्होंने देश के लिए इतना बड़ा योगदान दिया है। हमारी कोशिश थी कि हम कुछ ऐसा बनाएं जो सार्थक भी हो और आसानी से सब तक पहुंच भी सके।
जागरूकता बढ़ाने, प्रक्रिया को सरल बनाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में वीरसहारा रक्षा परिवारों के लिए जानकारी से आवेदन तक की यात्रा को अधिक सहज बनाने का प्रयास है। यह पहल इस बात का उदाहरण भी है कि युवा सोच और तकनीकी नवाचार मिलकर सामाजिक सरोकारों से जुड़े वास्तविक मुद्दों का प्रभावी समाधान दे सकते हैं।


