बेतिया समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान के तहत जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3 योजना का हिस्सा है। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और गांवों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखने पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आम जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस कार्यक्रम में कई मामलों का मौके पर ही निपटारा कर फरियादियों को राहत भी प्रदान की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए
इस जनसुनवाई में कुल 35 शिकायतों पर सुनवाई हुई। इनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क निर्माण एवं मरम्मत और राशन कार्ड जैसे विभिन्न विभागों से संबंधित मुद्दे शामिल थे। जिलाधिकारी ने सभी मामलों की समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य आम लोगों को जल्द राहत प्रदान करना और प्रशासन के प्रति उनके विश्वास को मजबूत करना है। बेतिया समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान के तहत जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3 योजना का हिस्सा है। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और गांवों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखने पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आम जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस कार्यक्रम में कई मामलों का मौके पर ही निपटारा कर फरियादियों को राहत भी प्रदान की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए
इस जनसुनवाई में कुल 35 शिकायतों पर सुनवाई हुई। इनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क निर्माण एवं मरम्मत और राशन कार्ड जैसे विभिन्न विभागों से संबंधित मुद्दे शामिल थे। जिलाधिकारी ने सभी मामलों की समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य आम लोगों को जल्द राहत प्रदान करना और प्रशासन के प्रति उनके विश्वास को मजबूत करना है।


