शिवहर में ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान:डीएम ने दिए प्रशासनिक सुधार के अहम निर्देश

शिवहर में ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान:डीएम ने दिए प्रशासनिक सुधार के अहम निर्देश

शिवहर में 12 जनवरी को जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के तकनीकी एवं गैर-तकनीकी अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना था। जिला पदाधिकारी ने बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली प्रशासनिक कठिनाइयों को कम करना है। DM ने इस बात पर जोर दिया कि अक्सर लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों में आते हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ता है। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताया। इस समस्या के समाधान के लिए जिला पदाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। अब प्रत्येक सप्ताह के दो कार्य दिवस, सोमवार और शुक्रवार को, ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में आम जनता सीधे संबंधित अधिकारी से उनके कार्यालय कक्ष में मिल सकेगी। इन निर्धारित दिनों में सभी अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। वे लोगों से सम्मानपूर्वक मिलकर उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनेंगे और त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। श्रीमती रानी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से कोई अधिकारी उपस्थित नहीं रह पाता है, तो उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी लोगों से मिलने की व्यवस्था करेंगे। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों का प्रभार है, उन्हें निर्धारित समय के अनुसार सभी कार्यालयों में उपस्थित होकर आमजनों से संवाद करना होगा। जिला पदाधिकारी ने सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, प्राप्त शिकायतों के लिए शिकायत पंजी संधारित करने और उनके सतत अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) की व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। बैठक में एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों की भी समीक्षा की गई। शिवहर में 12 जनवरी को जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के तकनीकी एवं गैर-तकनीकी अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना था। जिला पदाधिकारी ने बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली प्रशासनिक कठिनाइयों को कम करना है। DM ने इस बात पर जोर दिया कि अक्सर लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों में आते हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ता है। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताया। इस समस्या के समाधान के लिए जिला पदाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। अब प्रत्येक सप्ताह के दो कार्य दिवस, सोमवार और शुक्रवार को, ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में आम जनता सीधे संबंधित अधिकारी से उनके कार्यालय कक्ष में मिल सकेगी। इन निर्धारित दिनों में सभी अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। वे लोगों से सम्मानपूर्वक मिलकर उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनेंगे और त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। श्रीमती रानी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से कोई अधिकारी उपस्थित नहीं रह पाता है, तो उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी लोगों से मिलने की व्यवस्था करेंगे। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों का प्रभार है, उन्हें निर्धारित समय के अनुसार सभी कार्यालयों में उपस्थित होकर आमजनों से संवाद करना होगा। जिला पदाधिकारी ने सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, प्राप्त शिकायतों के लिए शिकायत पंजी संधारित करने और उनके सतत अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) की व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। बैठक में एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों की भी समीक्षा की गई।  

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