MP News: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जलकांड के बाद बिछाई जा रही नई नर्मदा पाइप लाइन के कार्य पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए। पाइप लाइन डालने के दौरान ड्रेनेज लाइन फूट गई, जिससे आसपास का इलाका गंदे पानी से भर गया। हैरानी की बात यह रही कि इस स्थिति के बावजूद काम को रोका नहीं गया और मजदूरों ने हाउस कनेक्शन का कार्य जारी रखा। इसे लेकर स्थानीय रहवासियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। रहवासियों का कहना है कि गंदे पानी के बीच पाइप लाइन कनेक्शन करने से घरों तक दूषित पानी पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।
दोबारा बन सकते हैं हालात
लोगों ने आशंका जताई कि यदि इसी तरह लापरवाही बरती गई, तो पहले जैसे हालात दोबारा बन सकते हैं। विरोध के बावजूद काम जारी रहने से नाराज लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
उल्लेखनीय है कि करीब दो महीने पहले इसी क्षेत्र में दूषित पानी की गंभीर घटना सामने आई थी। उस दौरान सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए थे और 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए पूरे इलाके में नई नर्मदा पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया था, जो अभी भी जारी है।
लोगों में बढ़ी नाराजगी
बीते दिन जब पाइप लाइन डाली जा रही थी, तभी नर्मदा लाइन के नीचे से गुजर रही ड्रेनेज लाइन अचानक फूट गई। इससे आसपास गंदा पानी जमा हो गया, लेकिन इसके बावजूद काम नहीं रोका गया, जिससे लोगों में नाराजगी और डर दोनों बढ़ गए हैं। इस मामले में स्थानीय पार्षद कमल बाघेला ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन से कभी-कभी लाइनों को नुकसान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि शनिवार को हुई घटना में भी ड्रेनेज लाइन को तुरंत दुरुस्त कर दिया गया है।
पार्षद के अनुसार, वार्ड के करीब 80 प्रतिशत हिस्से में नई पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, जबकि शेष 20 प्रतिशत क्षेत्र में भी एक महीने के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल, प्रशासन इस नई लाइन से समस्या के स्थायी समाधान का दावा कर रहा है, लेकिन रहवासियों की चिंता अभी भी बरकरार है।


