बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य आगामी 27 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जो 10 मार्च तक चलेगा। मूल्यांकन कार्य को शांतिपूर्ण और पूरी तरह से सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए बिहारशरीफ अनुमंडल मुख्यालय के सभी छह केंद्रों के 200 गज की परिधि में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है। अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) किसलय श्रीवास्तव ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। डीएम ने कॉपियों की जांच के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों की स्टेटिक प्रतिनियुक्ति की है। साथ ही, केंद्रों के इर्द-गिर्द निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। एसडीएम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पाबंदी लगाई है। बिहारशरीफ अनुमंडल में जिन छह केंद्रों पर कॉपियों की जांच की जाएगी, उनमें आदर्श उच्च विद्यालय (बिहार टाउन उच्च विद्यालय कैंपस), सालुगंज मणिराम अखाड़ा स्थित बिहार टाउन उच्च विद्यालय, गढ़पर स्थित नालंदा कॉलेजिएट प्लस-टू विद्यालय, एसएस बालिका प्लस-टू उच्च विद्यालय, सोगरा उच्च विद्यालय और पीएल साहू उच्च विद्यालय शामिल हैं। एसडीएम की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 27 फरवरी से 10 मार्च तक इन सभी केंद्रों के 200 गज के दायरे में एक साथ पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसके अलावा मूल्यांकन संचालन के दौरान अनाधिकृत आवाजाही और किसी भी प्रकार का घातक हथियार जैसे लाठी, भाला, गड़ासा या आग्नेयास्त्र (लाइसेंसी हथियार सहित) लेकर चलने की मनाही होगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी पर लगाए गए पुलिस पदाधिकारियों, दंडाधिकारियों, शव यात्रा और ऐसे व्यक्तियों (बुजुर्गों या दिव्यांगों) पर लागू नहीं होगा, जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य आगामी 27 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जो 10 मार्च तक चलेगा। मूल्यांकन कार्य को शांतिपूर्ण और पूरी तरह से सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए बिहारशरीफ अनुमंडल मुख्यालय के सभी छह केंद्रों के 200 गज की परिधि में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है। अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) किसलय श्रीवास्तव ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। डीएम ने कॉपियों की जांच के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों की स्टेटिक प्रतिनियुक्ति की है। साथ ही, केंद्रों के इर्द-गिर्द निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। एसडीएम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पाबंदी लगाई है। बिहारशरीफ अनुमंडल में जिन छह केंद्रों पर कॉपियों की जांच की जाएगी, उनमें आदर्श उच्च विद्यालय (बिहार टाउन उच्च विद्यालय कैंपस), सालुगंज मणिराम अखाड़ा स्थित बिहार टाउन उच्च विद्यालय, गढ़पर स्थित नालंदा कॉलेजिएट प्लस-टू विद्यालय, एसएस बालिका प्लस-टू उच्च विद्यालय, सोगरा उच्च विद्यालय और पीएल साहू उच्च विद्यालय शामिल हैं। एसडीएम की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 27 फरवरी से 10 मार्च तक इन सभी केंद्रों के 200 गज के दायरे में एक साथ पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसके अलावा मूल्यांकन संचालन के दौरान अनाधिकृत आवाजाही और किसी भी प्रकार का घातक हथियार जैसे लाठी, भाला, गड़ासा या आग्नेयास्त्र (लाइसेंसी हथियार सहित) लेकर चलने की मनाही होगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी पर लगाए गए पुलिस पदाधिकारियों, दंडाधिकारियों, शव यात्रा और ऐसे व्यक्तियों (बुजुर्गों या दिव्यांगों) पर लागू नहीं होगा, जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते हैं।


