राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 16वीं सब-जूनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उत्तर प्रदेश (यूपी) की टीम जश्न में डूब गई। पिछले साल इसी टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज (कांस्य) पदक से संतोष करने वाली यूपी की टीम ने इस बार अपनी गलतियों से सबक लिया और खिताबी मुकाबले में मध्य प्रदेश को हराकर गोल्ड पर कब्जा जमा लिया। खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों, कप्तान और टीम मैनेजर ने अपनी रणनीति, खुशी और राजगीर की बेहतरीन सुविधाओं पर खुलकर बात की। पिछले साल की टीस ने किया गोल्ड के लिए प्रेरित फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच चुने गए नीतीश यादव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बहुत अच्छी फीलिंग आ रही है। हमने इसी दिन के लिए प्रैक्टिस की थी। यह हमारे कोच और सपोर्ट स्टाफ की देन है कि हम इतने अच्छे अंतर से गोल्ड मेडल जीते। दर्शकों ने भी हमें खूब सपोर्ट किया। पूरे टूर्नामेंट में गोलों की बारिश करने वाले यूपी के टॉप स्कोरर शाहरुख अली ने कहा कि पिछली बार हम चूक गए थे। इस बार कोच ने जो प्रैक्टिस कराई, हमने मैदान पर उसे बखूबी उतारा। अब मेरा अगला लक्ष्य इंडिया टीम में अपनी जगह बनाना है। 18 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत से मिली जीत यूपी टीम के कप्तान केतन कुशवाहा और खिलाड़ी मोहम्मद दानिश ने इस जीत को टीम एफर्ट बताया। दानिश ने कहा कि पिछले साल एक छोटी सी गलती के कारण हमें ब्रॉन्ज मिला था। इस बार हम घर से ही सोचकर आए थे कि सिर्फ गोल्ड लेना है। यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सभी 18 खिलाड़ियों, गोलकीपर, पॉल सर, कोच उपेन्द्र सर और फिजियो सर की मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ी सुनील पाल और राघवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फाइनल में उनकी रणनीति जल्द से जल्द लीड (बढ़त) लेने की थी, ताकि टीम बिना दबाव के फ्री होकर खेल सके। जो पेनाल्टी कॉर्नर मिस हुए, उन्हें भूलकर खिलाड़ियों ने आगे के खेल पर फोकस किया। टीम मैनेजर ने राजगीर की सुविधाओं को सराहा उत्तर प्रदेश टीम के मैनेजर पॉल देवेंद्र ने कहा कि रजनीश सर और कोच उपेन्द्र चौहान के मार्गदर्शन में टीम ने शानदार तालमेल दिखाया। राजगीर स्टेडियम, यहां के ठहरने की व्यवस्था और खाना बेहद शानदार था। इसके लिए मैं बिहार सरकार, आयोजकों और लोकल मीडिया का धन्यवाद करता हूं। सांसद ने दी ट्रॉफी, कहा- मेडल लाओ, नौकरी पाओ समापन समारोह में नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी 30 टीमों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में खेलों का जो विकास हुआ है, वह अद्भुत है। राजगीर में खेल विश्वविद्यालय खुला है, जिसमें देशभर के बच्चे आकर पढ़ें और खेलें। बिहार में ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ की नीति लागू है, जो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर दे रही है। इस मौके पर खेल विश्वविद्यालय राजगीर के रजिस्ट्रार रजनीकांत, परीक्षा नियंत्रक डॉ. निशिकांत तिवारी और राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 16वीं सब-जूनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उत्तर प्रदेश (यूपी) की टीम जश्न में डूब गई। पिछले साल इसी टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज (कांस्य) पदक से संतोष करने वाली यूपी की टीम ने इस बार अपनी गलतियों से सबक लिया और खिताबी मुकाबले में मध्य प्रदेश को हराकर गोल्ड पर कब्जा जमा लिया। खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों, कप्तान और टीम मैनेजर ने अपनी रणनीति, खुशी और राजगीर की बेहतरीन सुविधाओं पर खुलकर बात की। पिछले साल की टीस ने किया गोल्ड के लिए प्रेरित फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच चुने गए नीतीश यादव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बहुत अच्छी फीलिंग आ रही है। हमने इसी दिन के लिए प्रैक्टिस की थी। यह हमारे कोच और सपोर्ट स्टाफ की देन है कि हम इतने अच्छे अंतर से गोल्ड मेडल जीते। दर्शकों ने भी हमें खूब सपोर्ट किया। पूरे टूर्नामेंट में गोलों की बारिश करने वाले यूपी के टॉप स्कोरर शाहरुख अली ने कहा कि पिछली बार हम चूक गए थे। इस बार कोच ने जो प्रैक्टिस कराई, हमने मैदान पर उसे बखूबी उतारा। अब मेरा अगला लक्ष्य इंडिया टीम में अपनी जगह बनाना है। 18 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत से मिली जीत यूपी टीम के कप्तान केतन कुशवाहा और खिलाड़ी मोहम्मद दानिश ने इस जीत को टीम एफर्ट बताया। दानिश ने कहा कि पिछले साल एक छोटी सी गलती के कारण हमें ब्रॉन्ज मिला था। इस बार हम घर से ही सोचकर आए थे कि सिर्फ गोल्ड लेना है। यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सभी 18 खिलाड़ियों, गोलकीपर, पॉल सर, कोच उपेन्द्र सर और फिजियो सर की मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ी सुनील पाल और राघवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फाइनल में उनकी रणनीति जल्द से जल्द लीड (बढ़त) लेने की थी, ताकि टीम बिना दबाव के फ्री होकर खेल सके। जो पेनाल्टी कॉर्नर मिस हुए, उन्हें भूलकर खिलाड़ियों ने आगे के खेल पर फोकस किया। टीम मैनेजर ने राजगीर की सुविधाओं को सराहा उत्तर प्रदेश टीम के मैनेजर पॉल देवेंद्र ने कहा कि रजनीश सर और कोच उपेन्द्र चौहान के मार्गदर्शन में टीम ने शानदार तालमेल दिखाया। राजगीर स्टेडियम, यहां के ठहरने की व्यवस्था और खाना बेहद शानदार था। इसके लिए मैं बिहार सरकार, आयोजकों और लोकल मीडिया का धन्यवाद करता हूं। सांसद ने दी ट्रॉफी, कहा- मेडल लाओ, नौकरी पाओ समापन समारोह में नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी 30 टीमों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में खेलों का जो विकास हुआ है, वह अद्भुत है। राजगीर में खेल विश्वविद्यालय खुला है, जिसमें देशभर के बच्चे आकर पढ़ें और खेलें। बिहार में ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ की नीति लागू है, जो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर दे रही है। इस मौके पर खेल विश्वविद्यालय राजगीर के रजिस्ट्रार रजनीकांत, परीक्षा नियंत्रक डॉ. निशिकांत तिवारी और राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


