EO का व्यवहार जनप्रतिनिधियों के प्रति तानाशाही पूर्ण-पार्षद:कुदरा नगर पंचायत में तकरार, बैठक में दुर्व्यवहार के आरोप; पुलिस की मौजूदगी में हंगामा

EO का व्यवहार जनप्रतिनिधियों के प्रति तानाशाही पूर्ण-पार्षद:कुदरा नगर पंचायत में तकरार, बैठक में दुर्व्यवहार के आरोप; पुलिस की मौजूदगी में हंगामा

नगर पंचायत कुदरा कार्यालय शनिवार को कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) उजाली राज और मुख्य पार्षद सुरेंद्र पाल सहित कई वार्ड पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक का गवाह बना। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, कार्यालय में वार्ड पार्षदों की एक आवश्यक बैठक चल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान ईओ उजाली राज पहुंचीं और अपने स्टाफ से वीडियो बनवाने लगीं। पार्षदों के विरोध करने पर बहस ने हंगामे का रूप ले लिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… वार्ड पार्षदों का आरोप है कि ईओ का व्यवहार जनप्रतिनिधियों के प्रति तानाशाही पूर्ण है और वे विकास कार्यों में बाधा डाल रही हैं। पार्षदों ने यह भी दावा किया कि बैठक के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। कार्यपालक पदाधिकारी -आरोप बेबुनियाद दूसरी ओर, कार्यपालक पदाधिकारी उजाली राज ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। वीडियो फुटेज में ईओ भावुक नजर आईं और उन्होंने पार्षदों पर काम में व्यवधान डालने का आरोप लगाया। अन्य पार्षदों ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अधिकारी का रवैया नहीं बदला, तो नगर विकास के कार्य ठप हो जाएंगे। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन इस घटना ने स्थानीय राजनीति और प्रशासन के बीच की खाई को उजागर कर दिया है। नगर पंचायत कुदरा कार्यालय शनिवार को कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) उजाली राज और मुख्य पार्षद सुरेंद्र पाल सहित कई वार्ड पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक का गवाह बना। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, कार्यालय में वार्ड पार्षदों की एक आवश्यक बैठक चल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान ईओ उजाली राज पहुंचीं और अपने स्टाफ से वीडियो बनवाने लगीं। पार्षदों के विरोध करने पर बहस ने हंगामे का रूप ले लिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… वार्ड पार्षदों का आरोप है कि ईओ का व्यवहार जनप्रतिनिधियों के प्रति तानाशाही पूर्ण है और वे विकास कार्यों में बाधा डाल रही हैं। पार्षदों ने यह भी दावा किया कि बैठक के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। कार्यपालक पदाधिकारी -आरोप बेबुनियाद दूसरी ओर, कार्यपालक पदाधिकारी उजाली राज ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। वीडियो फुटेज में ईओ भावुक नजर आईं और उन्होंने पार्षदों पर काम में व्यवधान डालने का आरोप लगाया। अन्य पार्षदों ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अधिकारी का रवैया नहीं बदला, तो नगर विकास के कार्य ठप हो जाएंगे। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन इस घटना ने स्थानीय राजनीति और प्रशासन के बीच की खाई को उजागर कर दिया है।  

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