पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में दागी उम्मीदवारों की एंट्री:अध्यक्ष पद के लिए 15 दावेदार, दो पर संगीन केस; रेप की धमकी और बमबाजी जैसे आरोप

पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में दागी उम्मीदवारों की एंट्री:अध्यक्ष पद के लिए 15 दावेदार, दो पर संगीन केस; रेप की धमकी और बमबाजी जैसे आरोप

पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की तैयारी जोड़ शोर से चल रही है। केवल अध्यक्ष पद के लिए कुल 15 लोगों ने नामांकन किया है। अध्यक्ष पद पर नामांकन करने वालों में से दो दावेदारी संगीन आपराधिक आरोपों में घिरे छात्रों ने किया है। नामांकन सूची के सार्वजनिक होते ही यह बात सामने आई है कि संगीन आपराधिक आरोपों में घिरे दो छात्रों ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। प्रारंभिक जांच (स्क्रूटनी) के बाद जारी सूची में दोनों उम्मीदवारों के नामांकन को ‘Valid’ माना गया है। रेप की धमकी और बमबाजी मामले में हैं आरोपी छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन करने वाले दो प्रत्याशी एक रिंकल यादव और दूसरा संटू कुमार दोनों पर ही हाल ही में रेप की धमकी और बमबाजी जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हुए हैं। पहला मामला: छात्रा से उत्पीड़न और AI वीडियो की धमकी अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संटू कुमार पर पटना कॉलेज की ही एक छात्रा ने अक्टूबर 2025 में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संटू कुमार के खिलाफ पीरबहोर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 78 (पीछा करना) और 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) के तहत FIR दर्ज है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि, संटू कुमार और उसके साथियों ने कॉलेज परिसर में उसके साथ दो बार ‘बैड टच’ किया। विरोध करने पर उसे रेप करने और जान से मारने की धमकी दी। इसको लेकर छात्रा ने कॉलेज में लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि संटू ने उसका फर्जी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी। दूसरा मामला: लस्सी विवाद में बमबाजी और फायरिंग अध्यक्ष पद के एक अन्य उम्मीदवार रिंकल यादव का नाम कदमकुआं थाना क्षेत्र के एक हिंसक मामले से जुड़ा है। रिंकल उन आरोपियों में शामिल है, जिन्होंने जून 2022 में दिनकर गोलंबर के पास मात्र 20 रुपए के विवाद में एक लस्सी दुकानदार और उसके बुजुर्ग पिता पर जानलेवा हमला किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों पर आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम (Explosive Act) के तहत मामला दर्ज किया है। क्योंकि आरोपियों ने इलाके में बमबाजी और हवाई फायरिंग की थी। केस डायरी के अनुसार, इस हिंसा को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी सैदपुर छात्रावास में जाकर छिप गए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका और स्क्रूटनी विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूची में संटू कुमार और रिंकल यादव के नामों को ‘Valid’ करार दिया गया है, जबकि नियमानुसार आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है। विश्वविद्यालय की ‘ग्रीवांस रेड्रेसल सेल’ (GRC) की 20 फरवरी 2026 को हुई बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि आपराधिक आरोपों में घिरे रिंकल यादव और संटू कुमार चुनाव मैदान में बने रहेंगे। पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की तैयारी जोड़ शोर से चल रही है। केवल अध्यक्ष पद के लिए कुल 15 लोगों ने नामांकन किया है। अध्यक्ष पद पर नामांकन करने वालों में से दो दावेदारी संगीन आपराधिक आरोपों में घिरे छात्रों ने किया है। नामांकन सूची के सार्वजनिक होते ही यह बात सामने आई है कि संगीन आपराधिक आरोपों में घिरे दो छात्रों ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। प्रारंभिक जांच (स्क्रूटनी) के बाद जारी सूची में दोनों उम्मीदवारों के नामांकन को ‘Valid’ माना गया है। रेप की धमकी और बमबाजी मामले में हैं आरोपी छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन करने वाले दो प्रत्याशी एक रिंकल यादव और दूसरा संटू कुमार दोनों पर ही हाल ही में रेप की धमकी और बमबाजी जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हुए हैं। पहला मामला: छात्रा से उत्पीड़न और AI वीडियो की धमकी अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संटू कुमार पर पटना कॉलेज की ही एक छात्रा ने अक्टूबर 2025 में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संटू कुमार के खिलाफ पीरबहोर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 78 (पीछा करना) और 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) के तहत FIR दर्ज है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि, संटू कुमार और उसके साथियों ने कॉलेज परिसर में उसके साथ दो बार ‘बैड टच’ किया। विरोध करने पर उसे रेप करने और जान से मारने की धमकी दी। इसको लेकर छात्रा ने कॉलेज में लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि संटू ने उसका फर्जी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी। दूसरा मामला: लस्सी विवाद में बमबाजी और फायरिंग अध्यक्ष पद के एक अन्य उम्मीदवार रिंकल यादव का नाम कदमकुआं थाना क्षेत्र के एक हिंसक मामले से जुड़ा है। रिंकल उन आरोपियों में शामिल है, जिन्होंने जून 2022 में दिनकर गोलंबर के पास मात्र 20 रुपए के विवाद में एक लस्सी दुकानदार और उसके बुजुर्ग पिता पर जानलेवा हमला किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों पर आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम (Explosive Act) के तहत मामला दर्ज किया है। क्योंकि आरोपियों ने इलाके में बमबाजी और हवाई फायरिंग की थी। केस डायरी के अनुसार, इस हिंसा को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी सैदपुर छात्रावास में जाकर छिप गए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका और स्क्रूटनी विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूची में संटू कुमार और रिंकल यादव के नामों को ‘Valid’ करार दिया गया है, जबकि नियमानुसार आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है। विश्वविद्यालय की ‘ग्रीवांस रेड्रेसल सेल’ (GRC) की 20 फरवरी 2026 को हुई बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि आपराधिक आरोपों में घिरे रिंकल यादव और संटू कुमार चुनाव मैदान में बने रहेंगे।  

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