Energy Drink and Paralysis: सावधान! थकान मिटाने वाली एनर्जी ड्रिंक कहीं आपको व्हीलचेयर पर न बिठा दे? अभी जानें इसके कारण

Energy Drink and Paralysis: सावधान! थकान मिटाने वाली एनर्जी ड्रिंक कहीं आपको व्हीलचेयर पर न बिठा दे? अभी जानें इसके कारण

Energy Drink and Paralysis: आजकल की भागदौड़ भरी हमारी जिंदगी में पश्चिमी संस्कृति ने समय की बचत और कम समय में जल्दी उपलब्ध होने वाले गुणों के कारण अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इसी के चलते एनर्जी ड्रिंक का जो सेवन बढ़ा है वह हमारे स्वास्थ्य को कहीं न कहीं बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। हाल ही में एक खबर आई कि 22 वर्षीय एक युवक ने अपने पैरों से चलने की क्षमता सिर्फ इस वजह से खो दी कि उसको बहुत ज्यादा एनर्जी ड्रिंक का सेवन करने की आदत थी और उसकी यही आदत उसकी सबसे बड़ी मुसीबत बन गई।

अब आप सोच रहे होंगे कि भला यह कैसे संभव है? तो आइए जानते हैं कि कैसे बहुत ज्यादा एनर्जी ड्रिंक का सेवन आपको Paralysis यानी विकलांग की श्रेणी में शामिल कर सकता है? इसके कारण क्या होते हैं? इसके शुरुआती लक्षण क्या होते हैं और इससे बचाव के लिए कौन से उपाय अपनाने चाहिए?

एनर्जी ड्रिंक्स कैसे जुड़ी हैं Paralysis से?

एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और शुगर जरूरत से ज्यादा मात्रा में होते हैं। कैफीन एक diuretic होता है जो हमारी किडनी के जरिए पोटेशियम को बहुत ज्यादा मात्रा में बाहर निकालता है और इसकी कमी से मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं, जिससे व्यक्ति को ‘हाइपोकैलेमिक पैरालिसिस’ हो जाता है जिसमें हाथ-पांव अचानक से काम करना बंद कर देते हैं। इसके अलावा एनर्जी ड्रिंक्स के सेवन से ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, उसके कारण भी स्ट्रोक और पैरालिसिस का खतरा बढ़ जाता है।

एनर्जी ड्रिंक से कौन सी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है?(Energy Drink and Paralysis)

  • हृदय रोग (Heart Issues)
  • टाइप-2 डायबिटीज
  • किडनी फेलियर
  • अनिद्रा

एनर्जी ड्रिंक के ज्यादा सेवन से पैरालिसिस के लक्षण?(Paralysis Symptoms)

  • हाथ-पैर काम करना कम कर देते हैं
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • अचानक से चक्कर आना
  • सीने में भारीपन होना

पैरालिसिस से बचाव के लिए क्या करें?(Paralysis Prevention)

  • एनर्जी ड्रिंक की जगह नारियल पानी और नींबू पानी पिएं
  • कैफीन का सेवन कम करें
  • शरीर को हाइड्रेटेड रखें
  • थकान मिटाने के लिए ड्रिंक्स की जगह 7 से 8 घंटे की नींद लें

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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