सिंगरौली जिले के गडेरिया डगा गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर विवाद बढ़ गया है। बरगवां तहसील प्रशासन के बेदखली के नोटिस के बावजूद तय समय तक जमीन खाली नहीं हो सकी है, जिससे अब यह मामला राजनीतिक मोड़ ले चुका है। तहसील प्रशासन ने 19 लोगों को अवैध कब्जे का दोषी मानते हुए 17 फरवरी 2026 तक जमीन खाली करने का समय दिया था। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि अगर कब्जा नहीं हटा, तो बलपूर्वक कार्रवाई होगी और इसका खर्च भी अतिक्रमणकारियों से लिया जाएगा। हालांकि, समय सीमा बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। आरोपों के घेरे में भाजपा नेता इस मामले में पट्टेदार भरत सिंह और भाजपा नेता राजकुमार विश्वकर्मा के बीच ठन गई है। भरत सिंह का आरोप है कि राजकुमार ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे दूसरों को बेच दिया है। दूसरी ओर, राजकुमार विश्वकर्मा ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि भरत सिंह उनसे कमीशन मांग रहे थे और बात न बनने पर झूठी शिकायत की गई है। प्लॉटिंग और धोखाधड़ी का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि पहले कंपनी लाने और नौकरी का झांसा देकर कुछ निजी जमीन खरीदी गई, और फिर उसके आसपास की सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे प्लॉट के रूप में बेच दिया गया। कार्रवाई न होने से नाराज भरत सिंह ने अब हाई कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। प्रशासन का पक्ष तहसीलदार नागेश्वर पनिका के अनुसार, 19 लोगों के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।


