धनबाद जिले के बोर्रागढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार को रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों के साथ मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में गिरोह के तीन अपराधी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह के कुछ सदस्य बैरागढ़ इलाके में छिपे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस के अचानक पहुंचने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और अपराधियों ने बचने की कोशिश की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने शुरू कर दी फायरिंग पुलिस टीम जब संदिग्ध स्थानों की तलाशी ले रही थी, तभी छिपे अपराधियों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ के दौरान अपराधियों ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस की घेराबंदी के कारण वे सफल नहीं हो सके। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और तीन अपराधियों को पकड़ लिया। मुठभेड़ में दो को लगी गोली, एक का पैर टूटा मुठभेड़ के दौरान गिरोह के सदस्य विक्की डोम और अमन सिंह को गोली लग गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अफजल उर्फ अमन भागने के प्रयास में गिर पड़ा, जिससे उसका पैर टूट गया। पुलिस ने तीनों घायलों को तत्काल हिरासत में लेकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के अनुसार तीनों अपराधियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और उनसे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ भी की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी घटना के बाद पूरे बैरागढ़ और आसपास के इलाकों में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रिंस खान गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े आपराधिक नेटवर्क और हाल के मामलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। धनबाद जिले के बोर्रागढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार को रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों के साथ मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में गिरोह के तीन अपराधी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह के कुछ सदस्य बैरागढ़ इलाके में छिपे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस के अचानक पहुंचने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और अपराधियों ने बचने की कोशिश की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने शुरू कर दी फायरिंग पुलिस टीम जब संदिग्ध स्थानों की तलाशी ले रही थी, तभी छिपे अपराधियों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ के दौरान अपराधियों ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस की घेराबंदी के कारण वे सफल नहीं हो सके। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और तीन अपराधियों को पकड़ लिया। मुठभेड़ में दो को लगी गोली, एक का पैर टूटा मुठभेड़ के दौरान गिरोह के सदस्य विक्की डोम और अमन सिंह को गोली लग गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अफजल उर्फ अमन भागने के प्रयास में गिर पड़ा, जिससे उसका पैर टूट गया। पुलिस ने तीनों घायलों को तत्काल हिरासत में लेकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के अनुसार तीनों अपराधियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और उनसे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ भी की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी घटना के बाद पूरे बैरागढ़ और आसपास के इलाकों में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रिंस खान गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े आपराधिक नेटवर्क और हाल के मामलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


