दिल्ली के बाहरी जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के तीन संदिग्ध शूटर्स को गिरफ्तार किया है। यह मुठभेड़ शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात बवाना-मुंडका नहर के पास हुई। बवाना थाने की पुलिस टीम इन आरोपियों का पीछा कर रही थी, जो हाल ही में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में वांछित थे। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
कारोबारी वैभव गांधी की हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए ये शूटर तीन दिन पहले बवाना औद्योगिक क्षेत्र में हुई एक प्लास्टिक कारोबारी, वैभव गांधी की हत्या में शामिल थे। 9 फरवरी 2026 को बदमाशों ने दिनदहाड़े वैभव गांधी का पीछा कर उन्हें गोलियों से भून दिया था। इस हत्या के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े रणदीप मलिक और अनिल पंडित नाम के हैंडल से सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस वारदात की जिम्मेदारी ली गई थी।
फायरिंग में एक शूटर घायल
मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कुल चार राउंड गोलियां चलीं। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह वहीं गिर गया। पुलिस ने तुरंत उसे काबू में कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। मौके से उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।


