मुजफ्फरपुर में ग्रामीण युवाओं को स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के मकसद से एक पहल की गई है। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के तहत जीविका, कुढ़नी की ओर से स्थानीय राजकीय बुनियादी स्कूल, अनंत कमतौल, चंद्रहट्टी के परिसर में रोजगार मेला और करियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर ग्रामीण युवाओं को रोज़गार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस मेले का औपचारिक उद्घाटन ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनीशा और ब्लॉक के सम्मानित पंचायत प्रतिनिधियों, जिनमें ब्लॉक प्रमुख और मुखिया शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत जीविका सदस्यों की ओर से मेहमानों का पौधा देकर और स्वागत गीत गाकर की गई। इस जॉब फेयर में देश भर की कई प्रतिष्ठित कंपनियों और संस्थानों ने भाग लिया, जिनमें टाटा मोटर्स, क्वेस्ट कॉर्प, LT, गो ग्रीन लिमिटेड, RSETI और DRCC सहित कुल 13 से ज़्यादा संगठन शामिल थे। इन संस्थानों ने युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध नौकरी के अवसरों के बारे में जानकारी दी, और मौके पर ही रजिस्ट्रेशन और चयन प्रक्रिया भी आयोजित की गई। बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए इस मेले में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। कुल 5491 युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 213 को जॉब ऑफर लेटर मिले। यह आंकड़ा न केवल मेले की सफलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते रोज़गार के अवसरों का भी संकेत देता है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि, जीविका एक अनुकरणीय संगठन है। चाहे वह रोज़गार हो, स्वरोजगार हो, या महिला सशक्तिकरण हो, जीविका ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य किया है। मंत्री ने सरकार की योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों के बारे में भी विस्तार से बताया। कार्यक्रम के दौरान, मुख्य अतिथि, मंत्री श्रवण कुमार ने गो ग्रीन अपैरल लिमिटेड में चुने गए उम्मीदवारों को अपॉइंटमेंट लेटर बांटे। अपॉइंटमेंट लेटर पाने वाले युवाओं के चेहरों पर साफ दिख रहा उत्साह और आत्मविश्वास मेले की सफलता को दिखा रहा था। जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनीशा ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और जीविका कार्यक्रम की कुल उपलब्धियों, काम करने के तरीकों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीविका ने लाखों ग्रामीण परिवारों को रोज़ी-रोटी के मौके दिए हैं और महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। मुजफ्फरपुर में ग्रामीण युवाओं को स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के मकसद से एक पहल की गई है। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के तहत जीविका, कुढ़नी की ओर से स्थानीय राजकीय बुनियादी स्कूल, अनंत कमतौल, चंद्रहट्टी के परिसर में रोजगार मेला और करियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर ग्रामीण युवाओं को रोज़गार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस मेले का औपचारिक उद्घाटन ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनीशा और ब्लॉक के सम्मानित पंचायत प्रतिनिधियों, जिनमें ब्लॉक प्रमुख और मुखिया शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत जीविका सदस्यों की ओर से मेहमानों का पौधा देकर और स्वागत गीत गाकर की गई। इस जॉब फेयर में देश भर की कई प्रतिष्ठित कंपनियों और संस्थानों ने भाग लिया, जिनमें टाटा मोटर्स, क्वेस्ट कॉर्प, LT, गो ग्रीन लिमिटेड, RSETI और DRCC सहित कुल 13 से ज़्यादा संगठन शामिल थे। इन संस्थानों ने युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध नौकरी के अवसरों के बारे में जानकारी दी, और मौके पर ही रजिस्ट्रेशन और चयन प्रक्रिया भी आयोजित की गई। बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए इस मेले में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। कुल 5491 युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 213 को जॉब ऑफर लेटर मिले। यह आंकड़ा न केवल मेले की सफलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते रोज़गार के अवसरों का भी संकेत देता है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि, जीविका एक अनुकरणीय संगठन है। चाहे वह रोज़गार हो, स्वरोजगार हो, या महिला सशक्तिकरण हो, जीविका ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य किया है। मंत्री ने सरकार की योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों के बारे में भी विस्तार से बताया। कार्यक्रम के दौरान, मुख्य अतिथि, मंत्री श्रवण कुमार ने गो ग्रीन अपैरल लिमिटेड में चुने गए उम्मीदवारों को अपॉइंटमेंट लेटर बांटे। अपॉइंटमेंट लेटर पाने वाले युवाओं के चेहरों पर साफ दिख रहा उत्साह और आत्मविश्वास मेले की सफलता को दिखा रहा था। जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनीशा ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और जीविका कार्यक्रम की कुल उपलब्धियों, काम करने के तरीकों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीविका ने लाखों ग्रामीण परिवारों को रोज़ी-रोटी के मौके दिए हैं और महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।


