हरियाणा के नूंह जिले में स्थित शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज में पानी की टंकियों में मृत बंदर मिलने मामले में स्टाफ में महामारी फैलने का डर सता रहा है। इस स्थिति को लेकर गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज निदेशक को ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने बताया कि कॉलेज के रिहायशी क्षेत्र में रखी पानी की टंकियों में कई दिनों तक सड़े हुए बंदर पड़े रहे। इससे पानी पूरी तरह दूषित हो गया। इसी दूषित पानी का उपयोग पीने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए किया जा रहा था। दूषित पानी के सेवन के कारण अब स्टाफ सदस्य और उनके परिवार के लोग बीमार पड़ने लगे हैं। कुछ कर्मचारियों की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना से पूरे परिसर में दहशत का माहौल है। टंकियों के टूटे ढक्कर बदलवाने की मांग
मांग पत्र में कर्मचारियों ने सभी पानी की टंकियों की तत्काल सफाई और सैनिटाइजेशन कराने की मांग की है। साथ ही, जिन टंकियों के ढक्कन टूटे या खुले हैं, उन्हें तुरंत बदलने की मांग की गई, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। इसके अलावा, पूरे परिसर में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने और सभी कर्मचारियों व उनके परिजनों का मेडिकल चेकअप कराने की भी मांग उठाई गई है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।


