न्यू आगरा में ट्रैफिक, हरित कॉरिडोर और स्वच्छ इंडस्ट्री पर जोर, SPA ने दी ग्रीन मॉडल की सलाह

न्यू आगरा में ट्रैफिक, हरित कॉरिडोर और स्वच्छ इंडस्ट्री पर जोर, SPA ने दी ग्रीन मॉडल की सलाह

दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) ने मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए बताया कि ताजमहल के संरक्षण क्षेत्र के कारण यहां उद्योगों का विकास पर्यावरण संतुलन के साथ किया जाना चाहिए। समीक्षा में ट्रैफिक प्लानिंग, हरित कॉरिडोर और स्वच्छ औद्योगिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने की सलाह भी शामिल है।

अब अंतिम मंजूरी की तैयारी

एसपीए की टिप्पणियों के साथ संशोधित मास्टर प्लान यमुना प्राधिकरण को भेज दिया गया है। अब सुझावों पर चर्चा के बाद इस पर अंतिम स्वीकृति दी जाएगी। प्राधिकरण के एक अधिकारी के अनुसार, हालिया सर्वे में सामने आया कि आगरा में कम पूंजी में चलने वाले, लेकिन अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों की मजबूत जड़ें मौजूद हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र में 6,790 पंजीकृत लघु एवं मध्यम उद्यम सक्रिय हैं, जिनमें करीब 50 हजार लोग प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत हैं।आगरा जूते, कालीन और हस्तशिल्प की औद्योगिक क्लस्टरों के लिए प्रसिद्ध है, जो मिलकर लगभग 3.05 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं। विशेष रूप से फुटवियर उद्योग के मामले में आगरा देश के प्रमुख निर्यात केन्द्रों में गिना जाता है।

दो लाख से अधिक को प्रत्यक्ष रूप से मिलता है रोजगार

इस औद्योगिक बेल्ट में दो लाख से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार पाते हैं। इनमें करीब 75 हजार कारीगर कालीन तैयार करते हैं, जबकि लगभग 30 हजार कामगार पत्थर और संगमरमर की हस्तशिल्प वस्तुओं से जुड़े हैं। यह पूरा ढांचा मुख्य रूप से सूक्ष्म और छोटे उद्योगों पर आधारित है। इनके अलावा धातु ढलाई एवं फोर्जिंग, डीजल जेनरेटर और मशीन उपकरण निर्माण, खाद्य एवं कृषि प्रसंस्करण तथा लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर भी स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। प्राधिकरण के अधिकारी के अनुसार, नए आगरा शहर का उद्देश्य विकास के नए अवसर तैयार करना है, ताकि शहरी विस्तार के साथ स्थानीय उद्योगों, पारंपरिक शिल्प और रोजगार को भी मजबूती मिले।

न्यू आगरा क्षेत्र ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) के दायरे में आता है, इसलिए यहां कोयला आधारित औद्योगिक इकाइयों का विस्तार सीमित है। ताजमहल के पर्यावरण और सौंदर्य पर प्रभाव न पड़े, इसके लिए प्रदूषणकारी उद्योगों को अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी आधार पर प्राधिकरण ने इस इलाके में केवल ग्रीन और व्हाइट कैटेगरी की औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की योजना बनाई है। ये ऐसी यूनिट होती हैं जो प्रदूषण रहित होती हैं और जिनसे कार्बन उत्सर्जन नगण्य या शून्य स्तर पर होता है।

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