नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट हैदराबाद के निदेशक(सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) एवं रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जे. आर. के. राव का जीविका के तहत दरभंगा जिले में आयोजित दो दिवसीय भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों एवं सामुदायिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका को समझना और उसके उपयोग को बढ़ावा देना था। भ्रमण के प्रथम दिन जे. आर. के. राव ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में संचालित जीविका दीदी की रसोई का निरीक्षण किया। उन्होंने दीदियों की कार्यशैली, पाक कला, तकनीकी कौशल और प्रबंधन व्यवस्था का गहन अवलोकन किया तथा भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और किफायती दरों की सराहना की। शाम को जिला अतिथि गृह में विभिन्न प्रखंडों की जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दीदियों के अनुभव, आवश्यकताओं और चुनौतियों पर चर्चा हुई। आधुनिक तकनीकी और वित्तीय सहयोग के विस्तार पर विचार-विमर्श किया गया। बेनीपुर की फूल देवी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन अब प्रति माह 25 से 30 हजार रुपए तक की आय कर रही हैं। जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने अधिक वित्तीय सहयोग मिलने पर सिलाई केंद्र संचालन की इच्छा भी जताई। भ्रमण के दौरान जे. आर. के. राव ने सिंहवाड़ा प्रखंड के सिमरी स्थित साधना ग्राम संगठन एवं उज्ज्वला कृषि उत्पादक कंपनी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आजीविका गतिविधियों की समीक्षा की और महिला सदस्यों से संवाद किया। इस दौरान जीविका दीदियों ने अपने व्यवसाय का विस्तार करने का संकल्प व्यक्त किया। उत्पादन से जुड़ी दीदियों ने आधुनिक मशीनें खरीदने तथा कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी दीदियों ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने की बात कही। जीविका दीदियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और एआई के माध्यम से उत्पादन, प्रबंधन और विपणन को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने महिला उद्यमियों को नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास इस अवसर पर डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा कि जिले की जीविका दीदियां विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से निरंतर सराहनीय कार्य कर रही हैं। तकनीकी नवाचार, आधुनिक प्रशिक्षण और पर्याप्त वित्तीय सहयोग से जीविका दीदियां अपने उद्यमों का विस्तार कर सकेंगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। एसपीएम-एमआईएस प्रेम प्रकाश एवं एसपीएम-आरसी विश्व विजय ने बताया कि जीविका के माध्यम से बिहार की महिलाओं को तकनीकी और वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में जिला मेंटर माधवी चौधरी, शान्तनु ठाकुर, राजा सागर, आशीष कुमार, अशोक रंजन, मनोरमा मिश्रा सहित अन्य विषयगत प्रबंधक, बीपीएम और जीविका कर्मी मौजूद रहे। यह भ्रमण जीविका दीदियों के लिए नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का स्रोत बना तथा महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की प्रक्रिया को और गति देने वाला सिद्ध हुआ। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट हैदराबाद के निदेशक(सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) एवं रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जे. आर. के. राव का जीविका के तहत दरभंगा जिले में आयोजित दो दिवसीय भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों एवं सामुदायिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका को समझना और उसके उपयोग को बढ़ावा देना था। भ्रमण के प्रथम दिन जे. आर. के. राव ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में संचालित जीविका दीदी की रसोई का निरीक्षण किया। उन्होंने दीदियों की कार्यशैली, पाक कला, तकनीकी कौशल और प्रबंधन व्यवस्था का गहन अवलोकन किया तथा भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और किफायती दरों की सराहना की। शाम को जिला अतिथि गृह में विभिन्न प्रखंडों की जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दीदियों के अनुभव, आवश्यकताओं और चुनौतियों पर चर्चा हुई। आधुनिक तकनीकी और वित्तीय सहयोग के विस्तार पर विचार-विमर्श किया गया। बेनीपुर की फूल देवी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन अब प्रति माह 25 से 30 हजार रुपए तक की आय कर रही हैं। जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने अधिक वित्तीय सहयोग मिलने पर सिलाई केंद्र संचालन की इच्छा भी जताई। भ्रमण के दौरान जे. आर. के. राव ने सिंहवाड़ा प्रखंड के सिमरी स्थित साधना ग्राम संगठन एवं उज्ज्वला कृषि उत्पादक कंपनी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आजीविका गतिविधियों की समीक्षा की और महिला सदस्यों से संवाद किया। इस दौरान जीविका दीदियों ने अपने व्यवसाय का विस्तार करने का संकल्प व्यक्त किया। उत्पादन से जुड़ी दीदियों ने आधुनिक मशीनें खरीदने तथा कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी दीदियों ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने की बात कही। जीविका दीदियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और एआई के माध्यम से उत्पादन, प्रबंधन और विपणन को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने महिला उद्यमियों को नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास इस अवसर पर डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा कि जिले की जीविका दीदियां विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से निरंतर सराहनीय कार्य कर रही हैं। तकनीकी नवाचार, आधुनिक प्रशिक्षण और पर्याप्त वित्तीय सहयोग से जीविका दीदियां अपने उद्यमों का विस्तार कर सकेंगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। एसपीएम-एमआईएस प्रेम प्रकाश एवं एसपीएम-आरसी विश्व विजय ने बताया कि जीविका के माध्यम से बिहार की महिलाओं को तकनीकी और वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में जिला मेंटर माधवी चौधरी, शान्तनु ठाकुर, राजा सागर, आशीष कुमार, अशोक रंजन, मनोरमा मिश्रा सहित अन्य विषयगत प्रबंधक, बीपीएम और जीविका कर्मी मौजूद रहे। यह भ्रमण जीविका दीदियों के लिए नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का स्रोत बना तथा महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की प्रक्रिया को और गति देने वाला सिद्ध हुआ।


