रामगढ़ थाना क्षेत्र के कांकेबार गांव में हाथियों का झुंड एक बार फिर पहुंच गया है। शुक्रवार की अहले सुबह एक हाथी बस्ती में घुस आया और एक घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को वहां से भगाया। बता दें कि कांकेबार के आगे पहाड़ी रास्ता है, जहां से हाथी अक्सर गांव में आते-जाते रहते हैं। पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड कांकेबार के पहाड़ी इलाकों में ही डेरा डाले हुए है। इससे पहले भी हाथियों ने गांव में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, खासकर आलू की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। ग्रामीणों ने पहले ही आशंका जताई थी कि फसलें खत्म होने के बाद हाथी घरों पर हमला कर सकते हैं। पूरी रात जागने को मजबूर फसलों के बाद अब हाथी घरों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं। वे पूरी रात जागकर बिताने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने हाथियों से बचने के कई उपाय किए हैं, लेकिन कोई भी कारगर साबित नहीं हो रहा है। हाथी घरों में रखे अनाज को खा रहे हैं और घरों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दे दी है। उनका आरोप है कि वन विभाग समय पर कार्रवाई नहीं करता और केवल खानापूर्ति करता है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त फसलों और घरों के लिए मुआवजे की मांग की है। साथ ही, उन्होंने हाथियों को जल्द से जल्द इलाके से भगाने की भी मांग की है, क्योंकि वे अब डर के साए में जी रहे हैं। रामगढ़ थाना क्षेत्र के कांकेबार गांव में हाथियों का झुंड एक बार फिर पहुंच गया है। शुक्रवार की अहले सुबह एक हाथी बस्ती में घुस आया और एक घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को वहां से भगाया। बता दें कि कांकेबार के आगे पहाड़ी रास्ता है, जहां से हाथी अक्सर गांव में आते-जाते रहते हैं। पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड कांकेबार के पहाड़ी इलाकों में ही डेरा डाले हुए है। इससे पहले भी हाथियों ने गांव में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, खासकर आलू की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। ग्रामीणों ने पहले ही आशंका जताई थी कि फसलें खत्म होने के बाद हाथी घरों पर हमला कर सकते हैं। पूरी रात जागने को मजबूर फसलों के बाद अब हाथी घरों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं। वे पूरी रात जागकर बिताने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने हाथियों से बचने के कई उपाय किए हैं, लेकिन कोई भी कारगर साबित नहीं हो रहा है। हाथी घरों में रखे अनाज को खा रहे हैं और घरों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दे दी है। उनका आरोप है कि वन विभाग समय पर कार्रवाई नहीं करता और केवल खानापूर्ति करता है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त फसलों और घरों के लिए मुआवजे की मांग की है। साथ ही, उन्होंने हाथियों को जल्द से जल्द इलाके से भगाने की भी मांग की है, क्योंकि वे अब डर के साए में जी रहे हैं।


