डिंडोरी जिले में तीन नर हाथियों के एक दल ने सोमवार को देवकरा गांव में दो किसानों की गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। हाथियों का यह दल बासी देवरी के जंगल से गुजरते हुए गांव में पहुंचा था। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने पहुंचे। रात में डीएफओ अशोक कुमार सोलंकी, एसडीओ सुरेंद्र जाटव और रेंजर अतुल सिंह बघेल ने देवकरा गांव पहुंचकर ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने और उन्हें परेशान न करने की सलाह दी। मंगलवार सुबह तक हाथी मिंगडी गांव के जंगल में डेरा डाले हुए थे। रेंजर अतुल सिंह बघेल ने बताया कि हाथियों का यह दल रविवार दोपहर अनूपपुर जिले की सीमा से कुई के जंगल में प्रवेश किया था। इसके बाद वे रामगुड़ा, त्यागपुर, सारस ताल, गोपालपुर, बासी देवरी, नारायण डीह और टिकरी पिपरी के जंगलों को पार करते हुए सोमवार को बसनिया के कक्ष 239 में पहुंचे। शाम को अंधेरा होने पर उन्होंने देवकरा गांव के किसान गिरवर सिंह और वन समिति के अध्यक्ष छोटे लाल मरावी के खेतों में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। अफसर समझाने पहुंचे राजस्व विभाग की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। मंगलवार सुबह तक हाथियों का दल मिंगडी के जंगल में मौजूद था। डीएफओ और एसडीओ ने ग्रामीणों को समझाया कि कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल की ओर न जाए। उन्होंने कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को पक्के मकानों में शिफ्ट होने की सलाह दी और हाथियों को किसी भी तरह से परेशान न करने का आग्रह किया। छह टीमें गठित हाथियों की निगरानी के लिए छह टीमें गठित की गई हैं। मुड़की, डिंडोरी, नेवसा, सारस ताल और नारायण डीह सर्किल के वनकर्मी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे हैं। वन समिति के सदस्यों और ग्रामीणों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं और गांवों में मुनादी भी कराई जा रही है। रेंजर ने बताया कि जंगल में महुआ और तेंदूपत्ता का सीजन चल रहा है, इसलिए ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर हाथी मित्र दल का भी सहयोग लिया जाएगा। रैपिड रिस्पांस टीम आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एक रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है, जो सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करेगी। बिजली विभाग से संपर्क कर प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी रूप से बिजली बंद कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर है। फसल, मकान या अन्य संपत्ति के नुकसान की स्थिति में राजस्व विभाग द्वारा सर्वे कर उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों से सतर्क रहने और सहयोग करने की अपील की गई है।


