कोडरमा जिले में जंगली हाथियों का उत्पात एक बार फिर बढ़ गया है। बुधवार देर रात एक हाथी ने दो लोगों को कुचलकर मार डाला, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8 बजे मरियमपुर के पास एक हाथी देखा गया। इसके बाद हाथी मरियमपुर स्थित बिरहोर टोला में घुस आया, जहां उसने 55 वर्षीय मनिया बिरहोरणी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान हाथी ने आरती बिरहोरणी नामक एक अन्य महिला को भी घायल कर दिया, जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। भागते हुए मजदूर को भी बनाया शिकार ग्रामीणों के खदेड़ने के बाद हाथी बोनाकाली महिला कॉलेज की ओर भागा, जहां उसने देवघर निवासी 40 वर्षीय मजदूर बालेश्वर सोरेन को भी अपनी चपेट में ले लिया। बताया गया कि रात करीब 2 बजे बालेश्वर अपने परिजनों के साथ सो रहे थे, तभी हाथी उनके घर में घुस आया। आहट मिलने पर परिवार के लोग भागने लगे, लेकिन इसी दौरान बालेश्वर हाथी की चपेट में आ गए। हाथी ने उन्हें सूंड से पटक कर मार डाला। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने फिर हाथी को वहां से भगाया, लेकिन भागने के दौरान उसने फॉरेस्ट गेस्ट हाउस की बाउंड्री वॉल और मुख्य गेट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वन विभाग पर लापरवाही के आरोप घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन हाथियों को दूर खदेड़ने में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में तीन हाथी घूम रहे हैं, जिनमें से एक अब भी मरियमपुर से सटे जंगलों में छिपा हुआ है। वहीं, बागीटांड और कोडरमा घाटी के जंगलों में भी हाथियों के झुंड की मौजूदगी की सूचना है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि टीम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और केवल टॉर्च के सहारे हाथियों को भगाने का प्रयास किया जा रहा है, जो नाकाफी है। वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी राम बाबू ने बताया कि हाथियों को दिबौर घाटी की ओर खदेड़ने का प्रयास जारी है।


