कोडरमा में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। पिछले दो दिनों में हाथियों ने दो लोगों और लगभग पांच मवेशियों को मार डाला है। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीण जागकर रात काटने को मजबूर हो गए हैं। कोडरमा के विभिन्न प्रखंडों में दो से तीन हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। हाथियों का झुंड गुरुवार देर रात कोडरमा प्रखंड के झरीटांड़ और ढेबुआडीह में घुस गया। हाथियों ने किसानों की तैयार फसलों को नष्ट किया और गांव के गौशाला में घुसकर बंधे मवेशियों को कुचलकर मार डाला। हाथियों के कारण भारी आर्थिक नुकसान हुआ ग्रामीणों के नींद से जागने से पहले ही लगभग पांच मवेशी मारे जा चुके थे और आधे दर्जन से अधिक घायल हो गए थे। हाथियों के इस उत्पात से ग्रामीणों में भारी दहशत है। लोग रात भर जागकर, मशाल जलाकर अपने गांवों के भीतर और बाहर पहरा दे रहे हैं। हाथियों के कारण गरीब किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। झरीटांड़ निवासी तुलसी यादव ने बताया कि गुरुवार रात करीब 1 बजे हाथी उनके गांव में घुस गए और उनके मवेशियों को मार डाला। उन्होंने कहा कि वे एक साधारण किसान हैं और पशुपालन से ही जीवन यापन करते हैं। इस नुकसान के लिए वे प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कोडरमा में हाथी ने 2 काे कुचलकर मार डाला
बताते चलें कि मरियमपुर और बोनाकाली में बुधवार रात हाथी ने दो लोगों को कुचलकर मार डाला था। मृतकाें की पहचान मरियमपुर निवासी मुनिया बिरहोरिन (55) और बोनाकाली के बालेश्वर सोरेन (40) के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात करीब नौ बजे हाथी मरियमपुर बिरहोर टोले में घुसा। घर के बाहर सो रही मुनिया बिरहोरिन को कुचल डाला। वहीं, आरती बिरहोरिन को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने हाथी को भगाया। फिर रात ढाई बजे हाथी बाेनाकाली पहुंचा और घर में सो रहे बालेश्वर सोरेन को कुचल डाला। फिर कई घरों में तोड़फोड़ की। हाथियों को भगाने के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश इधर, कोडरमा डीसी ऋतुराज और डीएफओ शौमित्र शुक्ला मरियमपुर के बिरहोर टोला पहुंचे और मृतक बिरहोरणी के परिजनों से मिले। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को यह आश्वासन दिलाया कि जिला प्रशासन उनके साथ खड़ा है और उनकी हर संभव मदद करने को भी तैयार है। वहीं, उन्होंने कहा कि उन्होंने डीएफओ से हाथियों को भगाने के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। कोडरमा में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। पिछले दो दिनों में हाथियों ने दो लोगों और लगभग पांच मवेशियों को मार डाला है। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीण जागकर रात काटने को मजबूर हो गए हैं। कोडरमा के विभिन्न प्रखंडों में दो से तीन हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। हाथियों का झुंड गुरुवार देर रात कोडरमा प्रखंड के झरीटांड़ और ढेबुआडीह में घुस गया। हाथियों ने किसानों की तैयार फसलों को नष्ट किया और गांव के गौशाला में घुसकर बंधे मवेशियों को कुचलकर मार डाला। हाथियों के कारण भारी आर्थिक नुकसान हुआ ग्रामीणों के नींद से जागने से पहले ही लगभग पांच मवेशी मारे जा चुके थे और आधे दर्जन से अधिक घायल हो गए थे। हाथियों के इस उत्पात से ग्रामीणों में भारी दहशत है। लोग रात भर जागकर, मशाल जलाकर अपने गांवों के भीतर और बाहर पहरा दे रहे हैं। हाथियों के कारण गरीब किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। झरीटांड़ निवासी तुलसी यादव ने बताया कि गुरुवार रात करीब 1 बजे हाथी उनके गांव में घुस गए और उनके मवेशियों को मार डाला। उन्होंने कहा कि वे एक साधारण किसान हैं और पशुपालन से ही जीवन यापन करते हैं। इस नुकसान के लिए वे प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कोडरमा में हाथी ने 2 काे कुचलकर मार डाला
बताते चलें कि मरियमपुर और बोनाकाली में बुधवार रात हाथी ने दो लोगों को कुचलकर मार डाला था। मृतकाें की पहचान मरियमपुर निवासी मुनिया बिरहोरिन (55) और बोनाकाली के बालेश्वर सोरेन (40) के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात करीब नौ बजे हाथी मरियमपुर बिरहोर टोले में घुसा। घर के बाहर सो रही मुनिया बिरहोरिन को कुचल डाला। वहीं, आरती बिरहोरिन को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने हाथी को भगाया। फिर रात ढाई बजे हाथी बाेनाकाली पहुंचा और घर में सो रहे बालेश्वर सोरेन को कुचल डाला। फिर कई घरों में तोड़फोड़ की। हाथियों को भगाने के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश इधर, कोडरमा डीसी ऋतुराज और डीएफओ शौमित्र शुक्ला मरियमपुर के बिरहोर टोला पहुंचे और मृतक बिरहोरणी के परिजनों से मिले। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को यह आश्वासन दिलाया कि जिला प्रशासन उनके साथ खड़ा है और उनकी हर संभव मदद करने को भी तैयार है। वहीं, उन्होंने कहा कि उन्होंने डीएफओ से हाथियों को भगाने के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।


