प्रतापगढ़ में एक ब्राह्मण परिवार को दान में मिला हाथी ‘जात्रा सिंह’करीब 2,000 किलोमीटर की दूरी तय कर गांव पहुंचा। 8 साल का यह हाथी पांच दिनों की यात्रा के बाद ट्रक से प्रतापगढ़ लाया गया। ‘जात्रा सिंह’ को अरुणाचल प्रदेश से असम, पश्चिम बंगाल और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ लाया गया। गांव पहुंचते ही ‘गणपति बप्पा मोरया’ के उद्घोष के साथ ग्रामीणों ने उसका गर्मजोशी से स्वागत किया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण हाथी को देखने के लिए जुटे। मामला रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के छींटपुर गांव का है। भाजपा नेता अशोक त्रिपाठी ने अपनी मां की इच्छा पूरी करते हुए हाथी को मंगवाया है। गांव में हाथी के पहुंचते ही गाजे-बाजे के साथ उसे ट्रक से उतारा गया। इसके बाद विधि-विधान से स्नान कराया गया। अशोक त्रिपाठी, उनकी मां केवल देवी और ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में हाथी का तिलक कर मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। हाथी के दर्शन और पूजन के लिए भारी भीड़ उमड़ी रही। गांव में हाथी के रहने और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। बताया गया है कि इसका पूरा खर्च अशोक त्रिपाठी वहन करेंगे। हाथी के लिए गांव में अलग से आवास भी तैयार कराया गया है।
अशोक त्रिपाठी वर्ष 2017 में सदर विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2019 में सपा-बसपा गठबंधन से भी प्रत्याशी रहे, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए। डेढ़ साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद मिली अनुमति अशोक त्रिपाठी के पिता स्वर्गीय राम प्रकाश त्रिपाठी अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत रहे थे। उनके निधन के बाद उनकी स्मृति में अरुणाचल प्रदेश के नामसाई जनपद के लोगों ने मई 2023 में ‘जात्रा सिंह’ हाथी को दान स्वरूप उनकी पत्नी केवल देवी को भेंट किया था। तब से हाथी की देखरेख अरुणाचल प्रदेश में ही दो कुशल महावतों की निगरानी में की जा रही थी। इस दौरान भोजन और आवास की समुचित व्यवस्था अशोक त्रिपाठी द्वारा कराई गई। अक्टूबर 2024 में अशोक त्रिपाठी ने हाथी को प्रतापगढ़ लाने के लिए नियमानुसार आवेदन किया। सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी (एचपीसी) की संस्तुति पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, अरुणाचल प्रदेश द्वारा 6 फरवरी 2026 को हाथी को प्रतापगढ़ के ग्राम छींटपुर लाने की अनुमति प्रदान की गई। इसके बाद विधि-व्यवस्था के तहत 9 फरवरी 2026 को नामसाई (अरुणाचल प्रदेश) से हाथी को प्रतापगढ़ के लिए रवाना किया गया। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे ‘जात्रा सिंह’ प्रतापगढ़ पहुंच गया। देखें तीन फोटो…


