चतरा जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सदर थाना क्षेत्र के नवोदय कर्म मोड़ के पास हाथियों के झुंड ने काम से लौट रहे तीन राज मिस्त्रियों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक राजमिस्त्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान मनोज भुइयां के रूप में हुई है। वहीं घायलों में 30 वर्षीय विकास भुइयां और 35 वर्षीय कामेश्वर भुइयां शामिल हैं। तीनों बरवाडीह मंजराही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। तीनों मजदूर दिनभर काम करने के बाद पैदल घर लौट रहे थे। हाथियों ने घेरकर किया हमला घायलों के अनुसार, जैसे ही वे कर्म मोड़ के पास पहुंचे, अचानक हाथियों का झुंड जंगल की ओर से निकल आया और उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते या भागने का प्रयास करते, हाथियों ने हमला कर दिया। बताया गया कि हाथियों ने मनोज भुइयां को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद पैरों से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं विकास भुइयां और कामेश्वर भुइयां भी हाथियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी तरह आसपास के लोगों ने शोर मचाया, तब जाकर हाथी जंगल की ओर लौटे। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे। एक सप्ताह से इलाके में डेरा डाले हैं हाथी घायलों को पहले सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद विकास भुइयां को रांची स्थित रिम्स और कामेश्वर भुइयां को हजारीबाग रेफर कर दिया गया। सीमा पंचायत के पूर्व मुखिया मिथिलेश सिंह ने बताया कि सोनपुर और रामपुर गांव में बीते एक सप्ताह से हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। इस दौरान हाथियों ने न सिर्फ इंसानों पर हमला किया है, बल्कि आलू, सरसों और गेहूं की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई घरों को भी हाथियों ने तोड़ दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हाथियों की दहशत के कारण लोग शाम होते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। चतरा जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सदर थाना क्षेत्र के नवोदय कर्म मोड़ के पास हाथियों के झुंड ने काम से लौट रहे तीन राज मिस्त्रियों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक राजमिस्त्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान मनोज भुइयां के रूप में हुई है। वहीं घायलों में 30 वर्षीय विकास भुइयां और 35 वर्षीय कामेश्वर भुइयां शामिल हैं। तीनों बरवाडीह मंजराही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। तीनों मजदूर दिनभर काम करने के बाद पैदल घर लौट रहे थे। हाथियों ने घेरकर किया हमला घायलों के अनुसार, जैसे ही वे कर्म मोड़ के पास पहुंचे, अचानक हाथियों का झुंड जंगल की ओर से निकल आया और उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते या भागने का प्रयास करते, हाथियों ने हमला कर दिया। बताया गया कि हाथियों ने मनोज भुइयां को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद पैरों से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं विकास भुइयां और कामेश्वर भुइयां भी हाथियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी तरह आसपास के लोगों ने शोर मचाया, तब जाकर हाथी जंगल की ओर लौटे। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे। एक सप्ताह से इलाके में डेरा डाले हैं हाथी घायलों को पहले सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद विकास भुइयां को रांची स्थित रिम्स और कामेश्वर भुइयां को हजारीबाग रेफर कर दिया गया। सीमा पंचायत के पूर्व मुखिया मिथिलेश सिंह ने बताया कि सोनपुर और रामपुर गांव में बीते एक सप्ताह से हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। इस दौरान हाथियों ने न सिर्फ इंसानों पर हमला किया है, बल्कि आलू, सरसों और गेहूं की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई घरों को भी हाथियों ने तोड़ दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हाथियों की दहशत के कारण लोग शाम होते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं।


