Rajasthan power Transmission Loss: राजस्थान में विद्युत वितरण व्यवस्था में सुधार के बावजूद ट्रांसमिशन लॉसेस (प्रसारण क्षति) अधिक होने से उपभोक्ताओं पर हर साल 2348 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। राजस्थान में प्रसारण क्षति कई राज्यों से अधिक है। राजस्थान में विद्युत डिस्ट्रीब्यूशन लॉसेस (वितरण क्षति) में कमी आई है, लेकिन प्रसारण स्तर पर अधिक क्षति होने के कारण वितरण निगमों की अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ रही है।
इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ के रूप में पड़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक राज्जा के अन्दर प्रसारण क्षति को राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4.25 प्रतिशत, 2025-26 में 4.20 प्रतिशत और 2026-27 में 4.05 प्रतिशत स्वीकृत किया है।
अन्य राज्यों से पीछे क्यों राजस्थान
राजस्थान में प्रसरण क्षति लगातार अधिक रहने का कारण नेटवर्क विस्तार की गति और मांग के बीच असंतुलन माना जा रहा है। अन्य राज्यों में बेहतर ग्रिड प्रबंधन और तकनीकी सुधारों से छीजत कम रखी गई है, जबकि राजस्थान में बढ़ती खपत के अनुरूप ढांचा पूरी तरह विकसित नहीं है।
यह जानें स्थिति
- विद्युत वितरण निगमों के लिए 2026-27 में वितरण क्षति का मानक 15 प्रतिशत के मुकाबले 11.48 प्रतिशत स्वीकृत किया है।
- राज्य प्रसारण क्षति का मानक 3% के बजाय 4.05 फीसदी तय होने से 4934 करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली खरीदनी होगी।
- प्रदेश में औसत बिजली खरीद वर 4.76 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से देखें तो यह लागत करीब 2340.58 करोड़ हो जाएगी।
- वर्ष 2026-27 में राजस्थान की कुल प्रसारण क्षति 7.81 प्रतिशत (इंटर स्टेट 3.76 में इंट्रा स्टेट 4.05) आंकी गई है।
- वर्ष 2026-27 में राज्य में 33/11 केवी ट्रांसफॉर्मर क्षमता 42111 एमवीए और 11/04 केवी पर 63699 एमवीए होगी।
- प्रसारण क्षमता 2024-25 में 101007 एमवीए से बढ़कर इस साल में 105264 एमवीए, 2026-27 में 121611.5 एमवीए का लक्ष्य है।
- इसके बावजूद करीब 4000 मेगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा प्रसारण क्षमता की कमी के कारण उपयोग में नहीं आ रही है।
नवीकरणीय ऊर्जा पर असर
राजस्थान राज्य में 4000 मेगावाट से अधिक नवीनीकरण ऊर्जा केवल प्रसारण क्षमता की कमी के कारण उपयोग में नहीं लाई जा रही है।
यह स्थिति ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों के लिए चुनौती बन रही है और निवेश की उपयोगिता भी प्रभावित हो रही है।
प्रसारण क्षति: अन्य राज्यों से तुलना
| क्रमांक | राज्य | प्रसारण क्षति (%) |
|---|---|---|
| 1 | राजस्थान | 4.33 |
| 2 | तमिलनाडु | 3.7 |
| 3 | गुजरात | 3.6 |
| 4 | उत्तरप्रदेश | 3.22 |
| 5 | महाराष्ट्र | 3.18 |
| 6 | आंध्रप्रदेश | 3.0 |
| 7 | मध्यप्रदेश | 2.96 |
| 8 | (अन्य) | 2.61 |
टॉपिक एक्सपर्ट…
राज्य में प्रसारण तंत्र को वास्तविक मांग के अनुरूप विकसित करने की जरूरत है, ताकि ऊर्जा का बेहतर उपयोग हो सके और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक भार न बढ़े। राजस्थान में वितरण सुधार के बावजूद प्रसारण नेटवर्क पर अपेक्षित निवेश और तकनीकी उन्नयन नहीं होने से समस्या बनी हुई है। यदि समय रहते ग्रिड क्षमता और मैनेजमेंट में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में उपभोक्ताओं पर लागत का दबाव और बढ़ सकता है।
- येवंती कुमार बोलिया, पूर्व एसई व ऊर्जा सलाहकार


