अंबेडकरनगर में स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड प्रणाली में बदलने के बाद से विद्युत उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले में करीब 12 हजार उपभोक्ताओं का निगेटिव बैलेंस आने के कारण उनकी बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। नियमों के अनुसार, बिजली बिल जमा करने के 30 मिनट के भीतर आपूर्ति बहाल हो जानी चाहिए। हालांकि, उपभोक्ताओं को छह से 10 घंटे बाद भी बिजली नहीं मिल पा रही है। तकनीकी खामियों और जानकारी के अभाव के कारण लोग गर्मी और उमस में परेशान हैं। जिले में कुल 4 लाख 50 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। विद्युत निगम ने 60 हजार 200 पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए हैं। इनमें से 48 हजार उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड प्रणाली में परिवर्तित किए जा चुके हैं। अकबरपुर, टांडा, जलालपुर और आलापुर के चार डिवीजनों में कुल 60,200 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। निगेटिव बैलेंस नहीं रहना चाहिए इनमें से 48,000 प्रीपेड मीटर में बदल दिए गए हैं। इन प्रीपेड उपभोक्ताओं में से आठ हजार ने निगेटिव बैलेंस की बकाया राशि जमा कर दी है, जबकि चार हजार उपभोक्ताओं ने अभी तक रिचार्ज नहीं कराया है। जिसके चलते उनकी बिजली आपूर्ति ठप है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मैसेज में दर्शाई गई पूरी बकाया धनराशि जमा करने के बावजूद भी आपूर्ति 10 घंटे तक बहाल नहीं हो पा रही है। इस संबंध में, अधीक्षण अभियंता रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि निगेटिव बैलेंस नहीं रहना चाहिए, क्योंकि निगेटिव होने पर कनेक्शन स्वतः कट जाता है।


