बरेली। बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए साफ संदेश दे दिया है कि अब मोबाइल पर आने वाले अलर्ट को नजरअंदाज किया तो सीधे बिजली गुल होगी। बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी के कनेक्शन काट दिया जाएगा और फिर बहाली के लिए भागदौड़ करनी पड़ेगी।
तेजी से बदल रहे मीटर, पूरे शहर में बड़ा अभियान
शहर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। अब तक करीब डेढ़ लाख घरों और प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। विभाग का लक्ष्य है कि एक साल के भीतर बाकी करीब सात लाख पुराने मीटर भी बदल दिए जाएं। नए कनेक्शन पर अब सीधे प्रीपेड स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर में बैलेंस से जुड़ी हर जानकारी मोबाइल पर भेजी जा रही है। उपभोक्ता को कुल पांच बार मैसेज अलर्ट मिलेगा—पहले बैलेंस अपडेट, फिर प्रीपेड में बदलाव, इसके बाद 30 फीसदी और 10 फीसदी बैलेंस बचने पर चेतावनी। आखिरी अलर्ट बैलेंस खत्म या निगेटिव होने पर मिलेगा। इसके बाद भी तीन दिन तक रीचार्ज नहीं किया तो बिजली काट दी जाएगी।
तीन दिन की मोहलत, फिर सीधे कटेगी लाइन
बैलेंस खत्म होने के बाद उपभोक्ता को तीन दिन का समय दिया जाएगा। यह आखिरी मौका होगा। अगर इस दौरान भी रीचार्ज नहीं कराया गया तो बिना किसी और सूचना के बिजली सप्लाई बंद कर दी जाएगी। ऐसे में लापरवाही सीधे अंधेरे में बदल सकती है। प्रीपेड सिस्टम में राहत भी है। जैसे ही उपभोक्ता रीचार्ज करेगा, अधिकतम आधे घंटे के भीतर बिजली फिर चालू हो जाएगी। खास बात यह है कि पोस्टपेड की तरह कनेक्शन जोड़वाने के लिए अलग से कोई शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा।
मोबाइल नंबर गलत तो नहीं पहुंचेगा अलर्ट
कई उपभोक्ताओं को मैसेज नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई है। जांच में पाया गया कि विभाग में दर्ज मोबाइल नंबर या तो बंद हैं या बदल चुके हैं। ऐसे में उपभोक्ता वेबसाइट पर जाकर अपना नंबर अपडेट करा सकते हैं, ताकि जरूरी अलर्ट समय पर मिल सकें। बिजली विभाग ने साफ कर दिया है कि आने वाले एक साल में पूरे शहर के कनेक्शन प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदल दिए जाएंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं को अब पुराने ढर्रे से बाहर निकलकर समय पर बैलेंस रखना होगा, वरना अचानक बिजली गुल होना तय है।


