देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के नतीजे सोमवार शाम आएंगे। इनमें से 7 राज्यों की 26 सीटों पर तस्वीर लगभग साफ है, यहां उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 सीटों के लिए सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच वोटिंग होगी। शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी। इन 3 राज्यों में 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। मौजूदा स्थिति में अभी 37 में से 25 सीटें इंडिया गठबंधन के पास, जबकि 12 NDA के पास हैं। चुनाव के बाद तस्वीर बदल सकती है। NDA को 8 सीटों का फायदा हो सकता है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार पहली बार राज्यसभा के सांसद बनेंगे। 84 साल के शरद पवार महाराष्ट्र से चुन लिए गए हैं। ओडिशा-हरियाणा में उलटफेर के आसार, कांग्रेस-बीजेडी विधायकों को रिजोर्ट ले गए ओडिशा में विपक्षी बीजेडी और कांग्रेस ने रविवार को 5 विधायकों नोटिस जारी किया है। भाजपा ने अपने 82 विधायकों को पारादीप भेज दिया है। हरियाणा में कांग्रेस और भाजपा ने अपने विधायकों की बाड़बंदी की है। कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को शिमला के रिजॉर्ट भेजा है। भाजपा ने अपने सभी 47 विधायकों को निजी होटल में शिफ्ट किया है। बिहार में संख्याबल के हिसाब से एनडीए की 4 सीटों पर जीत तय। 5वीं सीट के लिए उलटफेर हो सकता है। एनडीए को 8 सीटों का फायदा हो सकता, सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 10 राज्यों की जिन 37 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें 7 राज्यों की राज्यों की 26 सीटों में से एनडीए के पास 8 सीटें थीं। अब चुनाव होने के बाद एनडीए के पास 13 सीटें हो गई हैं। यानी 5 सीटों का फायदा हुआ है। वहीं 3 राज्य हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 सीटों में पहले एनडीए के पास 4 सीटें थीं। चुनाव के बाद 7 सीटें और मिलने के आसार हैं। यानी 3 सीटों का फायदा हुआ है। इस तरह एनडीए को कुल 8 सीटों का फायदा हो सकता है। नॉलेज पॉइंट: ऐसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया दूसरे चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। चुनाव हर दो साल में होते हैं, क्योंकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं। राज्यसभा सीटों की कुल संख्या 245 हैं। इनमें से 233 सीटों पर अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव होते हैं और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। महाराष्ट्र की 7 सीटों के उदाहरण से फॉर्मूला समझते हैं राज्यसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए एक निश्चित संख्या में मतों की आवश्यकता होती है, जिसे जीतने का कोटा (Quota) कहा जाता है। महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 विधायक हैं। खाली हो रही सीटें 7 हैं। कुल विधायकों की संख्या x 100/ (राज्यसभा की सीटें+1) = +1 288X100/(7+1)= +1 28800/8= +1 3600= +1 3601 चूंकि एक विधायक के वोट की वैल्यू 100 होती है। इसलिए महाराष्ट्र में अभी एक राज्यसभा सीट पर जीत के लिए कम से कम 36 विधायकों की जरूरत होगी। राज्यसभा में पार्टीवार मौजूदा स्थिति जानिए… राज्यसभा में खाली हुई 37 सीटों पर चुनाव के बाद भाजपा को 8 सीटों का फायदा होता दिख रहा है। वहीं नॉमिनेटेड 7 लोगों को मिला लें और अन्य में शामिल 7 सीटों से एनडीए का आंकड़ा 129 सीटों तक पहुंच रहा है। यानी कि एनडीए राज्यसभा में भी बहुमत (122 सीटों) के पार हो गई। उधर कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष के पास 115 सीटें हैं। राज्यसभा की फुल कैपेसिटी 245 में एक सीट अभी भी खाली है। यह सीट झारखंड की है जिस पर शिबू सोरेन थे। उनके निधन के बाद इस सीट पर अभी चुनाव नहीं हुए हैं।
राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव आज:37 में 26 पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, NDA को 8 सीटों का फायदा हो सकता है; नीतीश राज्यसभा जाएंगे


