हापुड़ के मोहल्ला तगासराय गली में एक खुले नाले में गिरने से पूरन सैनी (65) की मौत हो गई। वह गुरुवार रात से लापता थे और शुक्रवार को उनका शव नाले से बरामद किया गया। देर शाम परिवार ने बृजघाट गंगा पर अंतिम संस्कार किया। जानकारी के अनुसार, पूरन सैनी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे। वह सड़क किनारे स्थित अपने मकान में रहते थे और सब्जी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका बेटा बंटी हलवाई का काम करता है। गुरुवार रात पूरन सैनी घर में सोए थे। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो वह बिस्तर पर नहीं मिले। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने आशंका व्यक्त की कि रात में लघुशंका के लिए बाहर निकलने के दौरान अंधेरे में वह खुले नाले में गिर गए होंगे। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने नाले में खोजबीन शुरू की, जहां उनका शव मिला। घटना की सूचना फैलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और खुले नालों की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। स्थानीय निवासियों ने बताया कि क्षेत्र में खुले नाले लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। प्रशासन से कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शुक्रवार शाम को बुजुर्ग पूरन सैनी का अंतिम संस्कार ब्रजघाट पर किया गया।


