राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है, जिनमें से सबसे अधिक 7 सीटें महाराष्ट्र से चुनी जाएंगी। नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है। इस बीच सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) के बीच शह-मात का खेल तेज हो गया है। भाजपा (BJP) ने पहले ही अपने 4 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है, जबकि विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) की ओर से दिग्गज नेता शरद पवार का नाम तय किया गया है। वहीं, एनसीपी (सुनेत्रा पवार) ने पार्थ पवार को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। लेकिन सबकी नजरें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर टिकी हैं, जिसने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
शरद पवार के खिलाफ शिंदे का उम्मीदवार?
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है, लेकिन अब तक शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है। इसी बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला शिवसेना एमवीए प्रत्याशी शरद पवार के खिलाफ उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। यदि ऐसा होता है तो राज्यसभा चुनाव में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि शिंदे गुट रणनीतिक तरीके से दो उम्मीदवार उतारकर शरद पवार के लिए चुनौती खड़ी कर सकते है। इससे चुनाव का गणित पूरी तरह बदल सकता है।
जीत के लिए चाहिए 37 प्रथम वरीयता वोट
महाराष्ट्र से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के 37 मतों की जरूरत होती है। आंकड़ों की बात करें तो भाजपा नीत महायुति के पास कुल 232 विधायकों का भारी-भरकम समर्थन है। इसमें भाजपा के अलावा शिवसेना शिंदे गुट के पास लगभग 20 अतिरिक्त वोट हैं और अजित पवार गुट के पास 3 अतिरिक्त वोट मौजूद हैं। इसी सरप्लस वोट बैंक के दम पर एकनाथ शिंदे दूसरे उम्मीदवार को उतारने की तैयारी में हैं। इसमें विपक्षी खेमे में सेंधमारी की भी संभावना है। शिवसेना (उद्धव गुट) के पास 20 विधायक हैं, उसके बाद कांग्रेस के पास 16 और एनसीपी (शरद गुट) के पास 10 विधायक हैं।
शिंदे गुट से रेस में कौन-कौन?
शिवसेना (शिंदे गुट) में उम्मीदवारी के लिए लंबी फेहरिस्त सामने आई है। इच्छुक उम्मीदवारों की सूची में राहुल शेवाले, शायना एनसी, ज्योति वाघमारे, संजय निरुपम, गजानन कीर्तिकर, आनंदराव अडसुल, हेमंत गोडसे और संजय मंडलिक जैसे कद्दावर नाम शामिल हैं। अब देखना यह होगा कि उपमुख्यमंत्री शिंदे आज किन नामों पर मुहर लगाते हैं और क्या वे वास्तव में दो उम्मीदवार उतारकर शरद पवार की घेराबंदी को अंजाम देते हैं। आज शाम तक इस सस्पेंस से पर्दा उठ जाएगा।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी सरगर्मी
महाराष्ट्र से राज्यसभा की 7 सीटों पर चुनाव होने के कारण सभी दलों के लिए यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर महायुति की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। वर्तमान में 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 131, शिवसेना शिंदे गुट के 57 और एनसीपी अजित पवार गुट के 40 विधायक मिलाकर कुल 228 विधायक होते हैं। सात निर्दलीय और सहयोगी विधायकों के समर्थन से यह संख्या 235 तक पहुंचती है। जबकि अजित पवार और भाजपा के शिवाजीराव कार्डिले के निधन के कारण दो सीटें रिक्त हैं। 37 विधायकों के हिसाब से महायुति के छह उम्मीदवारों का जीतना तय है।
वहीं, राज्य के विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की बात करें तो शरद पवार गुट के 10, कांग्रेस के 16 और उद्धव ठाकरे गुट के 20 विधायक हैं। इसके अलावा माकपा और शेकाप के एक-एक विधायक का समर्थन है। कुल मिलाकर यह आंकड़ा 46 तक पहुंचता है।


