मुंगेर विश्वविद्यालय का आठवां स्थापना दिवस मनाया गया:यूनिवर्सिटी की दिखाई प्रोग्रेस, जमीन अधिग्रहण पर सवाल उठे

मुंगेर विश्वविद्यालय का आठवां स्थापना दिवस मनाया गया:यूनिवर्सिटी की दिखाई प्रोग्रेस, जमीन अधिग्रहण पर सवाल उठे

मुंगेर विश्वविद्यालय का आठवां स्थापना दिवस बुधवार को आरडी एंड डीजे कॉलेज सभागार में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। समारोह का उद्घाटन कुलपति प्रो. संजय कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. महेश्वर मिश्रा, प्राचार्य प्रो. बिजेंद्र कुमार और कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. संजय कुमार ने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी समय है। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना से अब तक की प्रगति पर प्रकाश डाला। कुलपति ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मियों और छात्रों से समर्पण के साथ विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रमुख चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया वहीं, कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने विश्वविद्यालय के समक्ष प्रमुख चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण का मामला अब भी लंबित है। कुलसचिव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रस्तावित मुंगेर दौरे के दौरान भूमि शिलान्यास की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस संबंध में जिलाधिकारी से बातचीत हुई है, जिन्होंने 24-25 मार्च के बाद इस दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया है। मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को जीवंत बना दिया स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, डीन, पीजी विभागाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। मुंगेर विश्वविद्यालय का आठवां स्थापना दिवस बुधवार को आरडी एंड डीजे कॉलेज सभागार में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। समारोह का उद्घाटन कुलपति प्रो. संजय कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. महेश्वर मिश्रा, प्राचार्य प्रो. बिजेंद्र कुमार और कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. संजय कुमार ने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी समय है। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना से अब तक की प्रगति पर प्रकाश डाला। कुलपति ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मियों और छात्रों से समर्पण के साथ विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रमुख चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया वहीं, कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने विश्वविद्यालय के समक्ष प्रमुख चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण का मामला अब भी लंबित है। कुलसचिव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रस्तावित मुंगेर दौरे के दौरान भूमि शिलान्यास की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस संबंध में जिलाधिकारी से बातचीत हुई है, जिन्होंने 24-25 मार्च के बाद इस दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया है। मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को जीवंत बना दिया स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, डीन, पीजी विभागाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *