दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत हरीनगर गांव में 2 परिवारों के बीच मजदूरी के रुपए को लेकर विवाद हुआ था। जो 2 समुदायों के बीच तनाव का कारण बन गया है। आपसी लेन-देन से शुरू हुई यह घटना धीरे-धीरे गंभीर रूप लेती चली गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला और अनुमंडल प्रशासन गांव में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। बीते दिनों जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने भी हरीनगर गांव का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इधर, बिरौल अनुमंडल प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सह अपर पुलिस अधीक्षक प्रभाकर तिवारी घटना के बाद से लगातार गांव का दौरा कर रहे हैं। दोनों अधिकारियों ने दोनों पक्षों से संवाद कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने मसोमात प्रमिला देवी सहित कई महिलाओं से भी मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। गांव में सामान्य माहौल बहाल करने के लिए गणमान्य लोगों के साथ शांति समिति की बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि परीक्षार्थी और निर्दोष लोग बिना भय के अपने घरों में रहें।
भाईचारा बनाए रखने की अपील एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे वर्षों पुराने आपसी प्रेम और भाईचारे को एक छोटे विवाद के कारण टूटने न दें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और कानून को हाथ में लेने से बचें। मौके पर पंचायत के मुखिया विमल खां, विनय पासवान, सत्तो मिश्र, मिंटू झा, मणिकांत झा, टुनटुन झा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। गांव में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत हरीनगर गांव में उत्पन्न तनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मामले की निगरानी के लिए गांव में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसी क्रम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभाकर तिवारी ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि गांव में फोर्स की तैनाती की गई है और स्थिति की जांच के लिए प्रशासनिक टीम लगातार मौके पर मौजूद है। उन्होंने कहा कि फिलहाल गांव का माहौल शांतिपूर्ण है और दोनों पक्षों के बीच आपसी सौहार्द तेजी से बहाल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ अफवाहें फैल रही थीं कि निर्दोष लोग गांव छोड़कर भाग गए हैं और पशुपालन व दैनिक कार्य नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन प्रशासन लोगों के बीच विश्वास कायम करने के लिए लगातार संवाद कर रहा है ताकि निर्दोष लोग भयमुक्त होकर अपने घरों में रह सकें।
जो दोषी हैं उन्हीं पर कार्रवाई होगी एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि निर्दोष लोगों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जो लोग मामले में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। शेष आरोपियों से या तो कोर्ट में आत्मसमर्पण करने को कहा गया है या फिर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि गांव में 24 घंटे पुलिस पदाधिकारी और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है और पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।
मोबाइल लोकेशन से जांच की जा रही एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि प्राथमिकी में जिन लगभग 70 लोगों के नाम शामिल हैं, उनकी सत्यता की जांच की जा रही है। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह सत्यापन किया जा रहा है कि घटना के समय संबंधित व्यक्ति कहां मौजूद थे। यदि जांच में यह साबित होता है कि कोई व्यक्ति घटना स्थल पर मौजूद नहीं था, तो उसके खिलाफ दर्ज नाम हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
भाजपा के जिलाध्य्क्ष ने की एसएसपी से मुलाकात हरिनगर में हुई घटना से जुड़े प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना ने शुक्रवार को वरीय पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने दोनों मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने एसएसपी को घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, वहीं निर्दोष लोगों को झूठे आरोपों से मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और समाज में न्याय का भरोसा कायम रहेगा।
मन्ना ने कहा कि दोनों मामलों में उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत हरीनगर गांव में 2 परिवारों के बीच मजदूरी के रुपए को लेकर विवाद हुआ था। जो 2 समुदायों के बीच तनाव का कारण बन गया है। आपसी लेन-देन से शुरू हुई यह घटना धीरे-धीरे गंभीर रूप लेती चली गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला और अनुमंडल प्रशासन गांव में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। बीते दिनों जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने भी हरीनगर गांव का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इधर, बिरौल अनुमंडल प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सह अपर पुलिस अधीक्षक प्रभाकर तिवारी घटना के बाद से लगातार गांव का दौरा कर रहे हैं। दोनों अधिकारियों ने दोनों पक्षों से संवाद कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने मसोमात प्रमिला देवी सहित कई महिलाओं से भी मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। गांव में सामान्य माहौल बहाल करने के लिए गणमान्य लोगों के साथ शांति समिति की बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि परीक्षार्थी और निर्दोष लोग बिना भय के अपने घरों में रहें।
भाईचारा बनाए रखने की अपील एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे वर्षों पुराने आपसी प्रेम और भाईचारे को एक छोटे विवाद के कारण टूटने न दें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और कानून को हाथ में लेने से बचें। मौके पर पंचायत के मुखिया विमल खां, विनय पासवान, सत्तो मिश्र, मिंटू झा, मणिकांत झा, टुनटुन झा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। गांव में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत हरीनगर गांव में उत्पन्न तनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मामले की निगरानी के लिए गांव में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसी क्रम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभाकर तिवारी ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि गांव में फोर्स की तैनाती की गई है और स्थिति की जांच के लिए प्रशासनिक टीम लगातार मौके पर मौजूद है। उन्होंने कहा कि फिलहाल गांव का माहौल शांतिपूर्ण है और दोनों पक्षों के बीच आपसी सौहार्द तेजी से बहाल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ अफवाहें फैल रही थीं कि निर्दोष लोग गांव छोड़कर भाग गए हैं और पशुपालन व दैनिक कार्य नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन प्रशासन लोगों के बीच विश्वास कायम करने के लिए लगातार संवाद कर रहा है ताकि निर्दोष लोग भयमुक्त होकर अपने घरों में रह सकें।
जो दोषी हैं उन्हीं पर कार्रवाई होगी एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि निर्दोष लोगों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जो लोग मामले में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। शेष आरोपियों से या तो कोर्ट में आत्मसमर्पण करने को कहा गया है या फिर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि गांव में 24 घंटे पुलिस पदाधिकारी और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है और पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।
मोबाइल लोकेशन से जांच की जा रही एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि प्राथमिकी में जिन लगभग 70 लोगों के नाम शामिल हैं, उनकी सत्यता की जांच की जा रही है। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह सत्यापन किया जा रहा है कि घटना के समय संबंधित व्यक्ति कहां मौजूद थे। यदि जांच में यह साबित होता है कि कोई व्यक्ति घटना स्थल पर मौजूद नहीं था, तो उसके खिलाफ दर्ज नाम हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
भाजपा के जिलाध्य्क्ष ने की एसएसपी से मुलाकात हरिनगर में हुई घटना से जुड़े प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना ने शुक्रवार को वरीय पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने दोनों मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने एसएसपी को घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, वहीं निर्दोष लोगों को झूठे आरोपों से मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और समाज में न्याय का भरोसा कायम रहेगा।
मन्ना ने कहा कि दोनों मामलों में उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।


