रोहतक को स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में नंबर वन रैंकिंग दिलाने का प्रयास नगर निगम की तरफ से शुरू कर दिया है। इसके लिए निगम कमिश्नर की तरफ से सफाई का ठेका लेने वाली एजेंसी को सख्त निर्देश दिए गए है। साथ ही लोगों को भी स्वच्छता सर्वेक्षण में सहयोग देने की अपील की। स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरूआत भारत सरकार की तरफ से 2016 में की गई, जिसमें देश के सबसे साफ जिलों को चिंहित करने का निर्णय लिया। पहली बार शुरू हुए सर्वेक्षण में पूरे देश के अंदर रोहतक का स्थान 288वां रहा था। इसके बाद स्वच्छता को बढ़ावा देने का कार्य शुरू किया और विभिन्न माध्यमों से जिले को साफ व सुंदर बनाने का प्रयास किया। 2024-25 में 25वीं रैंक मिली
रोहतक जिले को स्वच्छता सर्वेक्षण में 2016 में जहां देशभर में 288वीं रैंक मिली थी, वहीं 2024-25 में यह 25वीं रैंक तक पहुंच गया। स्वच्छता के क्षेत्र में प्रशासन की तरफ से किए जा रहे प्रयासों के कारण स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में सुधार देखने को मिला। अब रोहतक को पूरे देश में नंबर वन रैंक दिलाने का प्रयास चल रहा है। स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए अधिकारियों ने कसी कमर
रोहतक जिले की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए अधिकारियों ने कमर कस ली है। इसके लिए अधिकारी नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण सफाई, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी, फीडबैक सिस्टम, त्वरित शिकायत निवारण तथा स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान दे रहे हैं। सफाई कार्य करने वाली एजेंसी को सख्त निर्देश
नगर निगम कमिश्नर डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2025-26 के किन-किन बिन्दुओं पर अधिक कार्य करना है, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए है। साथ ही नगर निगम द्वारा शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सफाई कार्य कर रही एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।


