दरभंगा में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों और नरसंहार के विरोध में आज मार्च निकाला गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, बाहरी प्रखंड की देखरेख में एक विशाल आक्रोश मार्च बहेरी में निकाला गया। मार्च की अध्यक्षता सुजीत हिंदू ने की, जबकि नेतृत्व लव कुमार हिंदू ने किया। आक्रोश मार्च में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद के सह जिला मंत्री राजीव प्रकाश मधुकर उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेने की अपील की। स्वरूप बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का पुतला फूंका मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप बांग्लादेश के प्रधानमंत्री यूनुस खान का पुतला दहन किया। इसके साथ ही प्रतीकात्मक रूप से पुतले को फांसी पर लटकाकर जेसीबी के माध्यम से बहेड़ी चौक सहित विभिन्न मार्गों से घुमाया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “बांग्लादेश मुर्दाबाद” के नारे लगाए और बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की। कार्यक्रम के अंत में भारत सरकार व अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की गई कि बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाकर वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए। दरभंगा में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों और नरसंहार के विरोध में आज मार्च निकाला गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, बाहरी प्रखंड की देखरेख में एक विशाल आक्रोश मार्च बहेरी में निकाला गया। मार्च की अध्यक्षता सुजीत हिंदू ने की, जबकि नेतृत्व लव कुमार हिंदू ने किया। आक्रोश मार्च में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद के सह जिला मंत्री राजीव प्रकाश मधुकर उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेने की अपील की। स्वरूप बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का पुतला फूंका मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप बांग्लादेश के प्रधानमंत्री यूनुस खान का पुतला दहन किया। इसके साथ ही प्रतीकात्मक रूप से पुतले को फांसी पर लटकाकर जेसीबी के माध्यम से बहेड़ी चौक सहित विभिन्न मार्गों से घुमाया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “बांग्लादेश मुर्दाबाद” के नारे लगाए और बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की। कार्यक्रम के अंत में भारत सरकार व अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की गई कि बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाकर वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए।


