अररिया में आंधी-बारिश का असर:दूसरे दिन भी दहशत बरकरार, पीड़ित परिवारों की हालत गंभीर

अररिया में आंधी-बारिश का असर:दूसरे दिन भी दहशत बरकरार, पीड़ित परिवारों की हालत गंभीर

अररिया में आई तेज आंधी और बारिश का असर घटना के दो दिन बाद भी लोगों के जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। फारबिसगंज सहित विभिन्न इलाकों में प्रभावित परिवार अभी भी सदमे में हैं। प्रशासन की ओर से राहत और सहायता की प्रक्रिया जारी है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। फारबिसगंज के दरभंगिया टोला वार्ड संख्या 11 में पांच वर्षीय मुनाजिर की मौत के बाद उसका परिवार गहरे सदमे में है। घटना में घायल हुए अन्य बच्चों का इलाज जारी है। इनमें से एक बच्चे की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है, जबकि दूसरी बच्ची का उपचार चल रहा है। कोठीहाट वार्ड संख्या दो में तीन वर्षीय शिवम कुमार की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिवार में एक नवजात बच्ची के जन्म से खुशी भी है, लेकिन बेटे की असमय मौत का गम अभी भी बना हुआ है। अररिया शहर के चांदनी चौक में हुए हादसे में घायल मोहम्मद रुस्तम और परवेज हसमत का इलाज जारी है। दोनों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है, हालांकि पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा। जाहगीर बस्ती में घायल आठ वर्षीय अहन का भी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशासन ने प्रभावित घरों का आकलन कर रहा प्रशासन ने प्रभावित इलाकों का सर्वे शुरू कर दिया है और क्षतिग्रस्त घरों का आकलन किया जा रहा है। कई कच्चे मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे या अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। घटना को लेकर फारबिसगंज के दरभंगिया टोला वार्ड संख्या 11 निवासी मृत पांच वर्षीय बालक मुनाजिर की मां ने आंखों देखी तस्वीर बयां करते हुए बताती है कि उनके पांच बच्चे हैं और पति मोहम्मद नजीर अंसारी मजदूरी करते हैं और घटना के बाद सभी लोग घर में ही थे। इसी बीच तेज आंधी आई तो उनके दो बच्चे बाहर में थें। बरगद के पेड़ की टहनी टूट कर घर पर गिरी थी और तीन बच्चे बिछावन पर खेल रहे थे। इसी बीच जोर का तरका,तरका और एका एक मोटा सा बरगद के पेड़ का टहनी टूट कर उनके घर पर गिर गया और उनके घर की दीवारें टूटकर बिछावन पर खेल रहे बच्चों के ऊपर जा, गीरा इसके बाद उन लोगों के आंखों के सामने ओझल पर गई और चीख पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों की मदद से सभी बच्चों को दीवार के नीचे से निकल गया। और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इस हादसे में पांच वर्षीय मुनाजिर की मौत हो गई। जबकि उसकी सात वर्षीय बड़ी बहन मंतसार उर्फ नसीबा एवं 12 वर्षीय बड़ा भाई मुंतजिर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पत्नी और बेटी को आई हल्की चोटें फिलहाल मुंतजिर का हाथ टूट गया है और वह खतरे से बाहर है जबकि सात वर्षीय बड़ी बहन मंतसार उर्फ नसीबा का इलाज किया जा रहा है। दूसरी घटना फारबिसगंज के कोठीहाट वार्ड संख्या दो की है जहां फुस के घर में भाड़े पर रह रहे संजय राय ने बताया कि आंधी आने से थोड़ी देर पहले वह कम से घर लौटे थे। और उनकी पत्नी और बच्चे घर में थें। इसी बीच तेज आंधी में उनका घर भर भर कर गिर पड़ा, जिसमें उनके तीन वर्षीय बेटे शिवम कुमार की दब कर मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी और बेटी को हल्की चोटें आई है। इसी बीच उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुआ और उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया है। एक तरफ खुशी तो दूसरी तरफ गम के साए में प्राकृतिक ने उन्हें खड़ा कर दिया है। इधर अररिया शहर के चांदनी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में तेज हवा से एक दो मंजिला दुकान का बड़ा शीशा टूटकर नीचे गिर गया। इस हादसे में नीचे साइकिल दुकान पर काम कर रहे शरीफ नगर निवासी 35 वर्षीय मोहम्मद रुस्तम के कमर की हड्डी टूट गई और पास में खड़े आजाद नगर, वार्ड संख्या 19 के 36 वर्षीय परवेज हसमत केसर में गहरी चोट लगने के कारण उनका भी ऑपरेशन कराया गया है। और जाहगीर बस्ती में भीषण आंधी के दौरान 8 वर्षीय बालक अहन पर हवा में उड़कर कोई प्लास्टिक की वस्तु जा लगी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। जिनका इलाज अभी भी शहर व शहर के बाहर निजी अस्पतालों में जारी है। अररिया में आई तेज आंधी और बारिश का असर घटना के दो दिन बाद भी लोगों के जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। फारबिसगंज सहित विभिन्न इलाकों में प्रभावित परिवार अभी भी सदमे में हैं। प्रशासन की ओर से राहत और सहायता की प्रक्रिया जारी है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। फारबिसगंज के दरभंगिया टोला वार्ड संख्या 11 में पांच वर्षीय मुनाजिर की मौत के बाद उसका परिवार गहरे सदमे में है। घटना में घायल हुए अन्य बच्चों का इलाज जारी है। इनमें से एक बच्चे की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है, जबकि दूसरी बच्ची का उपचार चल रहा है। कोठीहाट वार्ड संख्या दो में तीन वर्षीय शिवम कुमार की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिवार में एक नवजात बच्ची के जन्म से खुशी भी है, लेकिन बेटे की असमय मौत का गम अभी भी बना हुआ है। अररिया शहर के चांदनी चौक में हुए हादसे में घायल मोहम्मद रुस्तम और परवेज हसमत का इलाज जारी है। दोनों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है, हालांकि पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा। जाहगीर बस्ती में घायल आठ वर्षीय अहन का भी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशासन ने प्रभावित घरों का आकलन कर रहा प्रशासन ने प्रभावित इलाकों का सर्वे शुरू कर दिया है और क्षतिग्रस्त घरों का आकलन किया जा रहा है। कई कच्चे मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे या अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। घटना को लेकर फारबिसगंज के दरभंगिया टोला वार्ड संख्या 11 निवासी मृत पांच वर्षीय बालक मुनाजिर की मां ने आंखों देखी तस्वीर बयां करते हुए बताती है कि उनके पांच बच्चे हैं और पति मोहम्मद नजीर अंसारी मजदूरी करते हैं और घटना के बाद सभी लोग घर में ही थे। इसी बीच तेज आंधी आई तो उनके दो बच्चे बाहर में थें। बरगद के पेड़ की टहनी टूट कर घर पर गिरी थी और तीन बच्चे बिछावन पर खेल रहे थे। इसी बीच जोर का तरका,तरका और एका एक मोटा सा बरगद के पेड़ का टहनी टूट कर उनके घर पर गिर गया और उनके घर की दीवारें टूटकर बिछावन पर खेल रहे बच्चों के ऊपर जा, गीरा इसके बाद उन लोगों के आंखों के सामने ओझल पर गई और चीख पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों की मदद से सभी बच्चों को दीवार के नीचे से निकल गया। और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इस हादसे में पांच वर्षीय मुनाजिर की मौत हो गई। जबकि उसकी सात वर्षीय बड़ी बहन मंतसार उर्फ नसीबा एवं 12 वर्षीय बड़ा भाई मुंतजिर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पत्नी और बेटी को आई हल्की चोटें फिलहाल मुंतजिर का हाथ टूट गया है और वह खतरे से बाहर है जबकि सात वर्षीय बड़ी बहन मंतसार उर्फ नसीबा का इलाज किया जा रहा है। दूसरी घटना फारबिसगंज के कोठीहाट वार्ड संख्या दो की है जहां फुस के घर में भाड़े पर रह रहे संजय राय ने बताया कि आंधी आने से थोड़ी देर पहले वह कम से घर लौटे थे। और उनकी पत्नी और बच्चे घर में थें। इसी बीच तेज आंधी में उनका घर भर भर कर गिर पड़ा, जिसमें उनके तीन वर्षीय बेटे शिवम कुमार की दब कर मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी और बेटी को हल्की चोटें आई है। इसी बीच उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुआ और उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया है। एक तरफ खुशी तो दूसरी तरफ गम के साए में प्राकृतिक ने उन्हें खड़ा कर दिया है। इधर अररिया शहर के चांदनी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में तेज हवा से एक दो मंजिला दुकान का बड़ा शीशा टूटकर नीचे गिर गया। इस हादसे में नीचे साइकिल दुकान पर काम कर रहे शरीफ नगर निवासी 35 वर्षीय मोहम्मद रुस्तम के कमर की हड्डी टूट गई और पास में खड़े आजाद नगर, वार्ड संख्या 19 के 36 वर्षीय परवेज हसमत केसर में गहरी चोट लगने के कारण उनका भी ऑपरेशन कराया गया है। और जाहगीर बस्ती में भीषण आंधी के दौरान 8 वर्षीय बालक अहन पर हवा में उड़कर कोई प्लास्टिक की वस्तु जा लगी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। जिनका इलाज अभी भी शहर व शहर के बाहर निजी अस्पतालों में जारी है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *