मुजफ्फरपुर में कड़ाके की ठंड का असर:10 जनवरी तक आठवीं तक के स्कूल बंद, सीनियर क्लास बदले समय से चलेंगी

मुजफ्फरपुर में कड़ाके की ठंड का असर:10 जनवरी तक आठवीं तक के स्कूल बंद, सीनियर क्लास बदले समय से चलेंगी

मुजफ्फरपुर में लगातार बढ़ रही ठंड और न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर फैसला लिया है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर सख्त आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 8 तक (प्री-स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्रों सहित) की पढ़ाई 8 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक पूरी तरह बंद रहेगी। वहीं, कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं का संचालन ठंड को देखते हुए सीमित समय में किया जाएगा। इन कक्षाओं की पढ़ाई अब सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही होगी। पहले से जारी आदेश को किया गया विस्तार प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इससे पहले भी कक्षा 8 तक के विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी। यह प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत लागू किया गया था। मौसम की गंभीर स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण इस आदेश को अब 10 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट पिछले कई दिनों से मुजफ्फरपुर समेत पूरे तिरहुत प्रमंडल इलाके में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। सुबह और देर शाम घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता काफी कम हो गई है। सर्द पछुआ हवाओं के कारण ठंड और अधिक चुभने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल न्यूनतम तापमान में किसी बड़े सुधार के संकेत नहीं हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के बीमार पड़ने का खतरा बना हुआ है। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन सतर्क जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय बच्चों को अत्यधिक ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। ठंड के मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है, खासकर छोटे बच्चों में। इसी को देखते हुए स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया गया है। अभिभावकों से अपील प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम घर से बाहर न निकलने दें। साथ ही मौसम और प्रशासन से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए रखें। हालात की लगातार निगरानी जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से बताया गया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि ठंड का प्रकोप इसी तरह जारी रहता है, तो आगे भी स्कूलों को लेकर आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं। मुजफ्फरपुर में लगातार बढ़ रही ठंड और न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर फैसला लिया है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर सख्त आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 8 तक (प्री-स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्रों सहित) की पढ़ाई 8 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक पूरी तरह बंद रहेगी। वहीं, कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं का संचालन ठंड को देखते हुए सीमित समय में किया जाएगा। इन कक्षाओं की पढ़ाई अब सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही होगी। पहले से जारी आदेश को किया गया विस्तार प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इससे पहले भी कक्षा 8 तक के विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी। यह प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत लागू किया गया था। मौसम की गंभीर स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण इस आदेश को अब 10 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट पिछले कई दिनों से मुजफ्फरपुर समेत पूरे तिरहुत प्रमंडल इलाके में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। सुबह और देर शाम घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता काफी कम हो गई है। सर्द पछुआ हवाओं के कारण ठंड और अधिक चुभने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल न्यूनतम तापमान में किसी बड़े सुधार के संकेत नहीं हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के बीमार पड़ने का खतरा बना हुआ है। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन सतर्क जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय बच्चों को अत्यधिक ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। ठंड के मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है, खासकर छोटे बच्चों में। इसी को देखते हुए स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया गया है। अभिभावकों से अपील प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम घर से बाहर न निकलने दें। साथ ही मौसम और प्रशासन से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए रखें। हालात की लगातार निगरानी जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से बताया गया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि ठंड का प्रकोप इसी तरह जारी रहता है, तो आगे भी स्कूलों को लेकर आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।  

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