मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब किशनगंज जिले में भी दिखने लगा है। संभावित मूल्य वृद्धि की आशंका के चलते जिले के कई पेट्रोल पंपों पर देर रात से ही वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग एहतियातन अपने वाहनों में पेट्रोल और डीजल भरवा रहे हैं। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो हाल के महीनों का उच्चतम स्तर है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरों ने तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़ किशनगंज के पेट्रोल पंपों पर देर रात अचानक भारी भीड़ उमड़ी, जिससे कई वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान जारी रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 से 20 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। 25 दिनों के लिए कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध इससे परिवहन लागत, किराया और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें प्रभावित होंगी। हालांकि, केंद्र सरकार ने तत्काल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार किया है। सरकार के अनुसार, देश के पास लगभग 25 दिनों के लिए कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, सरकार रूस सहित अन्य वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब किशनगंज जिले में भी दिखने लगा है। संभावित मूल्य वृद्धि की आशंका के चलते जिले के कई पेट्रोल पंपों पर देर रात से ही वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग एहतियातन अपने वाहनों में पेट्रोल और डीजल भरवा रहे हैं। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो हाल के महीनों का उच्चतम स्तर है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरों ने तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़ किशनगंज के पेट्रोल पंपों पर देर रात अचानक भारी भीड़ उमड़ी, जिससे कई वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान जारी रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 से 20 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। 25 दिनों के लिए कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध इससे परिवहन लागत, किराया और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें प्रभावित होंगी। हालांकि, केंद्र सरकार ने तत्काल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार किया है। सरकार के अनुसार, देश के पास लगभग 25 दिनों के लिए कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, सरकार रूस सहित अन्य वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात बढ़ाने पर भी विचार कर रही है।


