समस्तीपुर में ठंड का असर कमर, धूप खिलने से राहत:19 जनवरी से फिर बदल सकता है मौसम, पछिया हवा चलने से कनकनी बरकरार

समस्तीपुर में ठंड का असर कमर, धूप खिलने से राहत:19 जनवरी से फिर बदल सकता है मौसम, पछिया हवा चलने से कनकनी बरकरार

समस्तीपुर जिले में मौसम लगातार बदल रहा है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लगातार धूप निकलने से कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत मिली है। पिछले 24 घंटा के दौरान अधिकतम तापमान 22.5 और न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस रहा। करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछिया हवा चल रही है। जिसके चलते कनकनी बनी हुई है। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 19 जनवरी से एक बार फिर मौसम बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ शुरू होने की संभावना है। जिससे ठंड बढ़ेगी। अभी सुबह की सापेक्ष आर्द्रता 93%, जबकि दोपहर 2:00 बजे की सापेक्ष आर्द्रता 54 फीसदी है। इस अवधि में 8.6 किलोमीटर की रफ्तार से पछिया हवा चली। जिससे सुबह और शाम में कनकनी बनी हुई है। किसानों के लिए एडवाइजरी जारी मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल सत्तार ने बताया कि वर्तमान मौसम में आलू, मटर, टमाटर, धनिया, लहसुन और रवि फसलों में झुलसा रोग की निगरानी जरूरी है। बदलते मौसम और वातावरण में नमी होने पर यह रोग तेजी से पौधों में फैलता है। लक्षण दिखाई देने पर डाइथेन एम-45 फफूंदनाशक दवा 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर 10 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार समान रूप से छिड़काव करें। नवंबर माह के प्रारंभ में बुआई की गई रबी मक्का की फसल जो वर्तमान में 55 से 60 दिनों की अवस्था की हो गई होगी। उनमें 50 किलोग्राम नाइट्रोजन उर्वरक प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। पौधे पर मिट्टी चढ़ाएं। गेहूं की फसल जो 30 से 35 दिनों की अवस्था में हो। उनमें विभिन्न प्रकार के खरपतवार उग आते हैं। जिससे गेहूं की वृद्धि प्रभावित होती है, इसे हटा देना चाहिए। यात्रियों को राहत ठंड और कोहरा का असर कम होने से ट्रेनों के परिचालन में भी सुधार हुआ है। समस्तीपुर से गुजरने वाली अप और डाउन लाइन की अधिकतर ट्रेनें समय पर चल रही है। जिससे यात्रियों को राहत मिली है। ज्यादा देर तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना नहीं पड़ रहा है। समस्तीपुर जिले में मौसम लगातार बदल रहा है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लगातार धूप निकलने से कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत मिली है। पिछले 24 घंटा के दौरान अधिकतम तापमान 22.5 और न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस रहा। करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछिया हवा चल रही है। जिसके चलते कनकनी बनी हुई है। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 19 जनवरी से एक बार फिर मौसम बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ शुरू होने की संभावना है। जिससे ठंड बढ़ेगी। अभी सुबह की सापेक्ष आर्द्रता 93%, जबकि दोपहर 2:00 बजे की सापेक्ष आर्द्रता 54 फीसदी है। इस अवधि में 8.6 किलोमीटर की रफ्तार से पछिया हवा चली। जिससे सुबह और शाम में कनकनी बनी हुई है। किसानों के लिए एडवाइजरी जारी मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल सत्तार ने बताया कि वर्तमान मौसम में आलू, मटर, टमाटर, धनिया, लहसुन और रवि फसलों में झुलसा रोग की निगरानी जरूरी है। बदलते मौसम और वातावरण में नमी होने पर यह रोग तेजी से पौधों में फैलता है। लक्षण दिखाई देने पर डाइथेन एम-45 फफूंदनाशक दवा 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर 10 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार समान रूप से छिड़काव करें। नवंबर माह के प्रारंभ में बुआई की गई रबी मक्का की फसल जो वर्तमान में 55 से 60 दिनों की अवस्था की हो गई होगी। उनमें 50 किलोग्राम नाइट्रोजन उर्वरक प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। पौधे पर मिट्टी चढ़ाएं। गेहूं की फसल जो 30 से 35 दिनों की अवस्था में हो। उनमें विभिन्न प्रकार के खरपतवार उग आते हैं। जिससे गेहूं की वृद्धि प्रभावित होती है, इसे हटा देना चाहिए। यात्रियों को राहत ठंड और कोहरा का असर कम होने से ट्रेनों के परिचालन में भी सुधार हुआ है। समस्तीपुर से गुजरने वाली अप और डाउन लाइन की अधिकतर ट्रेनें समय पर चल रही है। जिससे यात्रियों को राहत मिली है। ज्यादा देर तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना नहीं पड़ रहा है।  

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