शिक्षा को गरीबी, शोषण और असमानता के खिलाफ हथियार बनाना होगा : फादर जोश

शिक्षा को गरीबी, शोषण और असमानता के खिलाफ हथियार बनाना होगा : फादर जोश

भास्कर न्यूज | महुआडांड़ संत जेवियर्स महाविद्यालय में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस और राष्ट्रीय बालिका दिवस का संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना तथा प्रत्येक अधिकार को सुरक्षित रखना था। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। शिक्षा को गरीबी, शोषण, असमानता और भेदभाव के खिलाफ हथियार बनाना होगा। इसके लिए सबसे पहले विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक बनना जरूरी है।”उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों की अभिरुचि के बिना यह उद्देश्य सफल नहीं हो सकता। शिक्षा को केवल डिग्री का माध्यम न बनाकर चरित्र निर्माण और विवेक विकास का साधन बनाना चाहिए। शिक्षा गरीबी के चक्र को तोड़ने और लैंगिक समानता स्थापित करने का महत्वपूर्ण उपकरण है, जो व्यक्ति और समुदाय को सशक्त बनाती है। विशेषज्ञों और छात्रों की प्रस्तुतियांअंग्रेजी विभाग की सहायक प्रोफेसर रैचेल नाग ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों को सशक्त बनकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया। रैचेल नाग ने अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2026 की थीम शिक्षा के सह-निर्माण में युवाओं की शक्ति पर विस्तार से चर्चा की। यह थीम युवाओं को शांतिपूर्ण भविष्य के लिए समावेशी और समान शिक्षा निर्माण के एजेंट के रूप में देखती है। हिंदी विभाग की छात्रा अनुजा ने शिक्षा के महत्व पर एक मनमोहक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सहायक प्रोफेसर सुरभि सिन्हा ने नेल्सन मंडेला के कथन को दोहराया, “शिक्षा वह शक्तिशाली हथियार है जिससे दुनिया बदली जा सकती है।” उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सहयोग के बिना कोई शिक्षक सफल नहीं हो सकता।अंग्रेजी विभाग की छात्रा नूतन तिग्गा ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश के अलावा डॉ. फादर राजीव तिर्की, सिस्टर चंद्रोदय, शिक्षक प्रतिनिधि जफर इकबाल, आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर शशि शेखर, डॉ. प्यारी कुजूर, आरिफुल हक, डॉ. मन्नू, डॉ. सिराजुल हक, शेफाली प्रकाश, रोजी सुष्मिता तिर्की, विक्रम रजत डुंगडुंग, अभय सुकुट डुंगडुंग, रोनित मार्सल खेस तथा महाविद्यालय के सभी विद्यार्थी उपस्थित थे।

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