मुरादाबाद के PVR परिसर में मंगलवार को जिला प्रशासन ने भूकंप मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास में NDRF, SDRF सहित विभिन्न विभागों की टीमों ने एक बड़े भवन में भूकंप की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों का आकलन करना था। इसका लक्ष्य नागरिकों को जागरूक करना और आपातकालीन स्थितियों में कम से कम समय में लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास करना है। इसके तहत अचानक सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय करने और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का नियमित अभ्यास किया गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस मॉक ड्रिल में अपर जिलाधिकारी सहित जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। इसमें सिविल डिफेंस, फायर सर्विस, तहसील प्रशासन, SDRF और NDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह इस वर्ष की चौथी मॉक एक्सरसाइज थी, जिसे जिला स्तर पर NDRF के साथ आयोजित किया गया। इस अभ्यास के लिए NDRF की 20 सदस्यीय टीम, सिविल डिफेंस के 20 स्वयंसेवक, फायर सर्विस की टीम और तहसील प्रशासन के कर्मचारी मौके पर तैनात थे। कंट्रोल रूम को सक्रिय कर सभी संबंधित विभागों को अलर्ट किया गया और भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
मॉक एक्सरसाइज के दौरान NDRF की टीम अपने खोजी कुत्तों के साथ पहुंची और मलबे में फंसे लोगों की तलाश का प्रदर्शन किया। बचाव दल ने स्ट्रेचर के माध्यम से घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाने की प्रक्रिया का भी सफलतापूर्वक अभ्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास से आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है और जनहानि को कम करने में मदद मिलती है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की कि आपदा के समय घबराने के बजाय प्रशासन का सहयोग करें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।


