Tumult In The Congress : कांग्रेस में गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। दरअसल, बीते दिनों कांग्रेस ने दिल्ली में तीन पूर्व विधायकों सहित छह नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। लेकिन आलाकमान ने पूर्व सीएम हरीश रावत के करीबी माने जाने वाले पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी की पार्टी में ज्वाइनिंग को टाल दिया था। इससे आहत पूर्व सीएम हरीश रावत 15 दिन के राजनैतिक अवकाश पर चले गए हैं। उसके बाद से कांग्रेस में भीतरखाने घमासान मचा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री की नाराजगी और उनके समर्थन में आए बयानों पर अब पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। हरक ने न केवल रावत के करीबियों को आईना दिखाया, बल्कि पार्टी के भीतर पनप रहे व्यक्तिवाद पर भी कड़ा प्रहार किया है। हरक सिंह रावत ने कल कहा था कि किसी को भी यह गलतफहमी या घमंड नहीं होना चाहिए कि उसके बगैर पार्टी जीत नहीं सकती है। इस बयान के बाद कांग्रेस के धारचूला विधायक हरीश धामी ने अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हरीश धामी ने हरक सिंह रावत के बयान को निंदनीय बताया है। वहीं दूसरी ओर पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा भी हरीश रावत के समर्थन में मुखर हैं। इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मुताबिक यह कोई मुद्दा ही नहीं है, मैंने पहले भी कहा है- रावत जी की जो बात कही है, वह पार्टी फोरम पर विचारणीय है। नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है। इस मुद्दे का हम मिलकर शीघ्र समाधान निकाल लेंगे। इसमें नाराजगी वाली कोई बात नहीं है।
हरक पर बरसे हरीश धामी
हरीश धामी ने अपने सोशल मीडिया फेज पर आज एक पोस्ट किया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि हरक सिंह ने 2016 में कुछ विधायकों को भाजपा में शामिल कर उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार गिराने का काम किया था। कहा कि हरक सिंह रावत ने ही देवभूमि में दलबदल का महापाप किया था। उसके चलते कांग्रेस को तमाम मुश्किलें झेलनी पड़ी थी। उन्होंने हाईकमान से अपील की है कि वह पूर्व की बातों को कतई न भूलें। कहा कि जो व्यक्ति पूर्व में धोखा दिया हो वह भविष्य में भी दगाबाजी कर सकता है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि हम सभी को पूर्व सीएम हरीश रावत के आत्मसम्मान के लिए सामूहिक इस्तीफा दे देना चाहिए।
हरक ने कसे तंज
कांग्रेस में पूर्व सीएम हरीश रावत को लेकर घमासान मचा हुआ है। हरक सिंह रावत ने पूर्व विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के बयान पर पलटवार भी किया है। हरक ने कहा किसी को भी यह गलतफहमी या घमंड नहीं होना चाहिए कि उसके बिना पार्टी जीत नहीं सकती। किसी एक व्यक्ति के रहने या न रहने से पार्टी खत्म नहीं होती। अगर मुझे यह वहम हो जाए कि हरक सिंह नहीं होगा तो कांग्रेस की सरकार नहीं आएगी, तो यह मेरी भूल है। हरक ने आगे चुटकी लेते हुए कहा कि हरीश रावत को राजनीति में सब कुछ मिला है। वे ब्लॉक प्रमुख, विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री रहे। अब उनके पास केवल प्रधानमंत्री का पद ही बचा है, ऐसे में उनकी नाराजगी के मायने समझ से परे हैं।


