मधुबनी जिले में भूकंप और अग्निकांड जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया गया। मंगलवार को मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ में एक मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करना और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना था। अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार ने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, गृहरक्षकों, अग्निशमन कर्मियों और आपदा मित्रों जैसे विभिन्न हितधारकों के साथ एक ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया। इसमें अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भूकंप के दौरान त्वरित कार्रवाई, राहत एवं बचाव कार्य, घायलों को सुरक्षित निकालना, प्राथमिक उपचार और प्रभावित क्षेत्र में समन्वित कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी। काल्पनिक भूकंप की स्थिति बनाई गई मॉक ड्रिल में एक काल्पनिक भूकंप की स्थिति बनाई गई, जिसमें भवनों को क्षतिग्रस्त और लोगों को मलबे में फंसा हुआ दर्शाया गया। बचाव दलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आधुनिक उपकरणों की मदद से घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिया। इस दौरान संचार व्यवस्था, एंबुलेंस सेवा और अग्निशमन टीम की सक्रियता उल्लेखनीय रही। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यास से आपदा के समय प्रतिक्रिया का समय कम होता है और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है। यह अभ्यास आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें आपदा के समय सही निर्णय लेने के लिए भी प्रेरित करता है। बचाव दल की त्वरित कार्रवाई का भी पूर्वाभ्यास किया गया इसके अतिरिक्त, हाई-राइज इमारतों में आग लगने की स्थिति और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई का भी पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान आपदा प्रतिक्रिया तंत्र, संचार व्यवस्था और फील्ड-स्तरीय क्रियान्वयन की व्यावहारिक जांच की गई। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार, डीटीओ रामबाबू, लोक शिकायत राजेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, कमांडेंट होम गार्ड अमित कुमार, सहायक आपदा पदाधिकारी रजनीश कुमार और कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मधुबनी जिले में भूकंप और अग्निकांड जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया गया। मंगलवार को मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ में एक मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करना और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना था। अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार ने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, गृहरक्षकों, अग्निशमन कर्मियों और आपदा मित्रों जैसे विभिन्न हितधारकों के साथ एक ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया। इसमें अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भूकंप के दौरान त्वरित कार्रवाई, राहत एवं बचाव कार्य, घायलों को सुरक्षित निकालना, प्राथमिक उपचार और प्रभावित क्षेत्र में समन्वित कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी। काल्पनिक भूकंप की स्थिति बनाई गई मॉक ड्रिल में एक काल्पनिक भूकंप की स्थिति बनाई गई, जिसमें भवनों को क्षतिग्रस्त और लोगों को मलबे में फंसा हुआ दर्शाया गया। बचाव दलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आधुनिक उपकरणों की मदद से घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिया। इस दौरान संचार व्यवस्था, एंबुलेंस सेवा और अग्निशमन टीम की सक्रियता उल्लेखनीय रही। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यास से आपदा के समय प्रतिक्रिया का समय कम होता है और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है। यह अभ्यास आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें आपदा के समय सही निर्णय लेने के लिए भी प्रेरित करता है। बचाव दल की त्वरित कार्रवाई का भी पूर्वाभ्यास किया गया इसके अतिरिक्त, हाई-राइज इमारतों में आग लगने की स्थिति और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई का भी पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान आपदा प्रतिक्रिया तंत्र, संचार व्यवस्था और फील्ड-स्तरीय क्रियान्वयन की व्यावहारिक जांच की गई। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार, डीटीओ रामबाबू, लोक शिकायत राजेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, कमांडेंट होम गार्ड अमित कुमार, सहायक आपदा पदाधिकारी रजनीश कुमार और कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


