Gangubai Kathiawadi: साल 2022 में जब हिंदी फिल्मों की इंडस्ट्री कोरोना महामारी के बाद धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही थी। तब संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ ने एक नया मोड़ दिया। बता दें, कई महीनों तक बंद पड़े थिएटर धीरे-धीरे दर्शकों से खाली थे, लेकिन इस फिल्म ने फिर से थिएटरों में लोगों का विश्वास जगाया और बड़ी सख्या में भीड़ लगाई।
कठिनाई से लड़ने की ताकत को खूबसूरती से दिखाया गया
अगर फिल्म की कहानी कि बात करें तो, एक युवा (alia bhatt) लड़की गंगूबाई की है, जिसे धोखा देने के बाद मुसीबतों में डाल दिया जाता है। वो मुंबई के एक फेमस रेड-लाइट इलाके में पहुंचती है, लेकिन अपनी हिम्मत और जज्बे से वो वहां की सबसे प्रभावशाली महिला बन जाती है। इस कहानी में मजबूती, महिला सशक्तिकरण और कठिनाई से लड़ने की ताकत को खूबसूरती से दिखाया गया है, जो लोगों के दिल को छूने वाली थी। बता दें, संजय लीला भंसाली के निर्देशन ने ही इस कहानी को जीवंत बनाया है। दरअसल, आलिया भट्ट की दमदार एक्टिंग ने गंगूबाई के किरदार को असली रंग दिया और फिल्म के रंगीन सेट, बेहतरीन संगीत और खूबसूरत सीन भी दर्शकों को थिएटर तक खींचने में मददगार साबित हुए।
‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ महज दर्शकों के बीच ही नहीं, बल्कि ट्रोलर्स के बीच भी पसंद की गई। इस फिल्म को कई अवार्ड मिले, जिनमें 69वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स भी शामिल है। साथ ही, बॉक्स ऑफिस पर भी इसने बड़ी सफलता हासिल की और 209 करोड़ रुपये से ऊपर की कमाई की। अब ये 2022 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई।
भारतीय सिनेमा का जादू अभी भी जिंदा है
इतना ही नहीं, संजय लीला भंसाली का नाम हमेशा से धमाकेदार निर्देशकों में गिना जाता है। उन्होंने हमेशा भारतीय संस्कृति और इमोशन्स को अपनी फिल्मों में भरपूर उकेरा है। वे राज कपूर, के. आसिफ, और गुरु दत्त जैसे बड़े स्टार्स की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ जैसी फिल्में इस बात का सबूत हैं कि बड़ी कहानी, जब दमदार अंदाज में पेश की जाए, तो वो हमेशा दर्शकों के दिल में घर कर जाती है।
दरअसल, संजय लीला भंसाली ने ये साबित कर दिया है कि भारतीय सिनेमा का जादू अभी भी जिंदा है और बड़ी स्क्रीन का अनुभव अनमोल है। उनकी फिल्मों में गहराई, शान और भारतीयता का अनूठा मेल देखने को मिलता है, जो विश्व स्तर पर हमारी फिल्म इंडस्ट्री की पहचान बनता है।


