मुख्य सचिव एसपी गोयल ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों से कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के अंदर सभी तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों में ई-ऑफिस अनिवार्य रूप से शुरू कराया जाए। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि अब भी कई कर्मचारी पूरे महीने में एक बार भी ई-ऑफिस पर लॉगिन नहीं कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए और यह देखा जाए कि दफ्तरों में जरूरी आधारभूत सुविधाएं मौजूद हों। साथ ही कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी समय पर पूरा कराया जाए, ताकि सिस्टम सही तरीके से काम करे।
खेल विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के हर मंडल में एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके लिए अयोध्या, बरेली, आगरा, मिर्जापुर, देवीपाटन, झांसी, बस्ती, मुरादाबाद, मेरठ और अलीगढ़ समेत 10 मंडलों में करीब 50 एकड़ उपयुक्त जमीन चिन्हित कर उसका प्रस्ताव खेल विभाग को भेजा जाए।
उन्होंने साफ कहा कि जमीन का चयन मंडल मुख्यालय के अलावा किसी अन्य जिले में भी किया जा सकता है, लेकिन वह मुख्य सड़कों से अच्छी तरह जुड़ी होनी चाहिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि सभी जिलाधिकारी अगले दो सप्ताह के भीतर उत्तर प्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित करें।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यू-डायस और प्रेरणा पोर्टल के जरिए समीक्षा करते हुए 5 मार्च से पहले सभी असंतृप्त मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, राजकीय और परिषदीय स्कूलों में बालिका शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शौचालय बनने के बाद इसकी जानकारी संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी।


